नीली बत्ती का क्यों हो रहा दुरुपयोग!

छपरा (सदर) : सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के नियम 108 (2) के द्वारा सरकारी वाहनों के आगे नीली बत्ती (फ्लैशर सहित) लगाने के लिए पदाधिकारियों का पद चिह्नित किया गया है. परंतु, जिले में दर्जन भर पदाधिकारी इन आदेशों को नजरअंदाज कर धड़ल्ले से निजी गाड़ी या सरकारी गाड़ी में उपयोग कर रहे […]

छपरा (सदर) : सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के नियम 108 (2) के द्वारा सरकारी वाहनों के आगे नीली बत्ती (फ्लैशर सहित) लगाने के लिए पदाधिकारियों का पद चिह्नित किया गया है. परंतु, जिले में दर्जन भर पदाधिकारी इन आदेशों को नजरअंदाज कर धड़ल्ले से निजी गाड़ी या सरकारी गाड़ी में उपयोग कर रहे है.
परंतु, सरकार के निर्देश पर सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने वाले वरीय पदाधिकारियों को इन पदाधिकारियों के वाहन परिचालन नियम के उल्लंघन की ओर नजर नहीं पड़ती. आमजनों का कहना है कि वैसे लोग, जिन्हें परिवहन के नियमों की बेहतर जानकारी का अभाव है, उन्हें तो जागरूक करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. परंतु, सरकार के मातहत इन पदाधिकारियों की मनमानी पर रोक क्यों नहीं लग रही. यदि वरीय पदाधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं, तो निश्चित रूप से आम जनों में भी बेहतर मैसेज जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस दिशा में सभी डीटीओ को जांच कर वैसे पदाधिकारी, जो नीली बत्ती के लिए अधिकृत नहीं हैं, उन्हें जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया जायेगा. किसी भी स्थिति में वरीयउप समाहर्ता स्तर के या अन्य पदाधिकारियों को नीली बत्ती नहीं लगाना है.
सच्चिदानंद चौधरी
संयुक्त आयुक्त सह सचिव सह
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >