बीबीए के बाद वीक्षकों के भुगतान का मामला आया सामने प्रो आरके पाठक ने किया आरोपों का खंडन छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी व राजेंद्र कॉलेज के बीबीए विभाग प्रभारी प्रो आरके पाठक पर किताब व कंप्यूटर खरीद मामले में लाखों के घोटाले के आरोप के बाद जेपीएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य रहते हुए परीक्षा कार्य में लगे वीक्षकों के पारिश्रमिक उठाव कर भुगतान न किये जाने का मामला सामने आ गया है. इस संबंध में जेपीएम की प्राचार्य डॉ मीरा सिंह ने समाचार पत्रों को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि टीडीसी पार्ट 2014 की परीक्षा हेतु वीक्षकों के पारिश्रमिक का उठाव प्रभारी प्राचार्य रहते हुए डॉ पाठक ने कर लिया है, परंतु किसी भी वीक्षक को भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने इस संबंध में कॉलेज के शिक्षकों से लिखित सूचना प्राप्त होने की बात कहते हुए अपने स्तर से विश्वविद्यालय को सूचित करने व कार्रवाई का आग्रह करने की बात कही है. दूसरी ओर बीबीए का प्रभारी रहते हुए कंप्यूटर व पुस्तक खरीद घोटाले के आरोप पर जवाब देते हुए विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि उनके विवि का पदाधिकारी रहने के दौरान डॉ सुरेंद्र मिश्र को बीबीए के संयोजक का प्रभार दे दिया गया, जिसकी सूचना भी मुझे नहीं दी गयी. डॉ मिश्रा ने बिना प्रभार ग्रहण किये या स्थानांतरण के ही पदभार ग्रहण किया. अब तक विभाग में पुस्तकें कंप्यूटर नहीं है, तो उनकी हेरा-फेरी डॉ मिश्रा के द्वारा ही की गयी होगी.
बीबीए के बाद वीक्षकों के भुगतान का मामला आया सामने
बीबीए के बाद वीक्षकों के भुगतान का मामला आया सामने प्रो आरके पाठक ने किया आरोपों का खंडन छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी व राजेंद्र कॉलेज के बीबीए विभाग प्रभारी प्रो आरके पाठक पर किताब व कंप्यूटर खरीद मामले में लाखों के घोटाले के आरोप के बाद जेपीएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य रहते हुए […]
