सालाना उर्स आज, हजारों हिंदू-मुसलिम करेंगे चादरपोशीआकर्षक ढंग से सजाया गया मजार, रोशन हुए मार्गडोमन बाबा का मजार दे रहा कौमी एकता का संदेशअकीदतमंदों की हर मन्नत होती है पूरीहिंदुओं की बस्ती के मध्य में है अवस्थितनोट : फोटो मेल से भेजा गया हैसंवाददाता, दिघवारानगर पंचायत दिघवारा के वार्ड नंबर 06 के मीरपुर भुआल गांव में अवस्थित शाहीद सैयद डोमन साह बाबा का मजार आम लोगों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द व भाईचारे की भावना को बढ़ाने का संदेश देता है. सांप्रदायिक विषमता को भूल कर दोनों कौम के लोग शिद्दत से बाबा के मजार में अपनी हाजिरी दर्ज करा कर तरक्की, खुशहाली व अमन चैन की बहाली की मन्नत मांगते हैं. उर्स के मौके पर हर साल इस मजार पर चादरपोशी करनेवाले अकीदतमंद लोगों की भीड़ उमड़ती है, जिसमें मुसलिमों के अलावा बड़ी संख्या में हिंदू भी भाग लेते हैं तथा कौमी एकता की मन्नत मांगते हैं.आज जुटेगी अकीदतमंदों की भीड़10 जनवरी को सालाना उर्स के मौके पर डोमन बाबा के मजार पर चादरपोशी के लिए अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ेगी. चादरपोशी करनेवालों में हिंदू समुदायों की संख्या भी काफी होती है.दुल्हन की तरह सजा मजार व रास्तारविवार को होनेवाले चादरपोशी कार्यक्रम के लिए मजार की रंगाई व पोताई की गयी है. मजार को दुल्हन की तरह सजाया गया है तथा रास्तों की साफ-सफाई के साथ आकर्षक तरीके से सजावट की गयी है.चादरपोशी के लिए उमड़ती है भीड़ उर्स के मौके पर मजार पर हजारों लोग चादरपोशी करने आते हैं. मन्नतों के पूर्ण होने पर हर अकीदतमंद मजार पर चादरपोशी कर बाबा के प्रति अपनी आस्था व विश्वास को दर्शाता है. उर्स के दिन तो देर रात तक चादरपोशी करनेवाले लोगों की भीड़ उमड़ती रहती है.हिंदुओं को भी है गहरी आस्थाआस्थावान हिंदू, बाबा के मजार पर प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को शीश नवाते हैं. इसके अलावा सैकड़ों हिंदू समुदाय के लोग मजार से गुजरते वक्त अपनी हाजिरी लगाना नहीं भूलते. हिंदुओं में धारणा है कि बाबा के मजार पर अकीदतमंदों की हर मन्नत पूर्ण होती है. शायद यही वजह है कि हर साल चादरपोशी करनेवाले लोगों की भीड़ में इजाफा होता जा रहा है. लगता है भव्य मेलाचादरपोशी के दिन मजार पर भव्य मेला लगता है. चादरपोशी करनेवाले हिंदू व मुसलमान सपरिवार बाबा के मजार पर पहुंच कर मन्नत मांगते हैं या फिर कृतज्ञता का भाव व्यक्त करते हैं. इस दिन मिलाद की गूंज सुनाई पड़ती है व अकीदतमंदों के बीच पारंपरिक प्रसाद का वितरण होता है.हिंदुओं की बस्ती में अवस्थित है मजारबुजुर्गों की मानें, तो शताब्दी वर्ष पूर्व से ही डोमन बाबा का मजार वर्तमान वाली जगह पर अवस्थित है. बुजुर्गों का यह भी कहना है कि सच्चाई की खातिर लड़ते हुए डोमन बाबा, मजारवाली जगह पर ही शहीद हो गये. यही कारण है उनकी याद में उसी जगह पर डोमन बाबा का मजार बनाया गया, जहां हर वर्ष अकीदतमंद बाबा को याद करते हैं. इस मजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मजार हिंदुओं की बस्ती के मध्य अवस्थित है.
सालाना उर्स आज, हजारों हिंदू-मुसलिम करेंगे चादरपोशी
सालाना उर्स आज, हजारों हिंदू-मुसलिम करेंगे चादरपोशीआकर्षक ढंग से सजाया गया मजार, रोशन हुए मार्गडोमन बाबा का मजार दे रहा कौमी एकता का संदेशअकीदतमंदों की हर मन्नत होती है पूरीहिंदुओं की बस्ती के मध्य में है अवस्थितनोट : फोटो मेल से भेजा गया हैसंवाददाता, दिघवारानगर पंचायत दिघवारा के वार्ड नंबर 06 के मीरपुर भुआल गांव […]
