छह साल में भी लिपिक को नहीं मिला बकाया

छपरा (सदर) : एक तरफ सरकार अवकाश ग्रहण करनेवाले कर्मियों को यथाशीघ्र उनके सेवा उपरांत भुगतान करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दे रही है. परंतु, छपरा नगर पर्षद में तो कर्मचारी की गुहार की कौन कहे, पटना उच्च न्यायालय के दो-दो बार आदेश के बावजूद छह वर्ष पूर्व अवकाश ग्रहण करनेवाले अपर डिवीजनल […]

छपरा (सदर) : एक तरफ सरकार अवकाश ग्रहण करनेवाले कर्मियों को यथाशीघ्र उनके सेवा उपरांत भुगतान करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दे रही है.

परंतु, छपरा नगर पर्षद में तो कर्मचारी की गुहार की कौन कहे, पटना उच्च न्यायालय के दो-दो बार आदेश के बावजूद छह वर्ष पूर्व अवकाश ग्रहण करनेवाले अपर डिवीजनल क्लर्क वशिष्ठ कुमार मिश्रा को न्याय नहीं मिला. 31 दिसंबर, 2009 को अवकाश ग्रहण करने के बाद शहर के मौना मुहल्ला निवासी ने पहले तो पेंशन व बकाया भुगतान के लिए विभागीय स्तर पर आवेदन दिया. परंतु, जब उन्हें न्याय नहीं मिला,

तो उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में सीडब्ल्यूजेसी 15468‍-2011 एवं इमरजेंसी 610-2012 दाखिल किया. इसमें न्यायालय ने अवकाशप्राप्त कर्मी को भुगतान के लिए निर्देश भी दिया, परंतु नगर पर्षद के पदाधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगा. पुन: कर्मी ने सीडब्ल्यूजेसी 16966-2015 पटना उच्च न्यायालय में दाखिल किया है.

इसमें एक साजिश के तहत उनका बकाया भुगतान नहीं करने की बात कही गयी है. मुकदमे में यह भी कहा है कि आपसी मिलीभगत के कारण कई अन्य कर्मियों का, जो कार्यरत हैं या जिन्होंने अवकाश ग्रहण किया है, उनका पंचम एवं षष्टम पे एवं पेंशन का भुगतान कर दिया गया. उधर, इस संबंध में पूछे जाने पर छपरा नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अंजय कुमार राय ने कहा कि उन्होंने कुछ ही दिन पूर्व छपरा में योगदान दिया है. अवकाशप्राप्त लिपिक श्री मिश्रा के मामले को देख कर शीघ्र ही भुगतान कर देंगे.

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