बर्थ सर्टिफिकेट की मारामारी, आंगनबाड़ी सेविका को अधिकार का इंतजारट्रेनिंग के बावजूद अब तक नहीं हासिल हो सका उप निबंधक का दर्जागांव-देहात में हरेक सेविका को बनाना था जन्म प्रमाणपत्र निर्गत करने का प्राधिकारीप्रभात पड़ताल संवाददाता-छपरा (सारण). उप रजिस्ट्रार का दर्जा मिला. सरकार ने प्रशिक्षण भी दिया. मुहर भी बन गया. पंजी-रजिस्टर भी मिल गया. आवेदन तथा जन्म प्रमाण पत्र का प्रपत्र भी उपलब्ध हो गया. जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी लोगों ने दाखिल करना शुरू कर दिया, लेकिन उप रजिस्ट्रार को जन्म प्रमाणपत्र निर्गत करने का अधिकार नहीं मिला. इसको लेकर आंगनबाड़ी सेविका की खूब फजीहत हो रही है. ग्रामीण क्षेत्र के सेविकाओं को यह अधिकार मिल गया है और वह कार्य भी कर रही है. लेकिन शहरी क्षेत्र की सेविकाओं को अबतक उप रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं मिला है. इसका खामियाजा जनम पत्र बनवाने के लिए आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. सेविकाओं की हो रही है फजीहत :जन्म प्रमाणपत्र आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से निर्गत करने का जोर-शोर से प्रचार किया गया, लेकिन उन्हें अबतक यह अधिकार नहीं दिये जाने से काफी फजीहत हो रही है. आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्र के नागरिक सेविका के साथ इसको लेकर तू-तू मैं-मैं कर रहे हैं. रोज इस तरह की घटनाएं होती है. नागरिक सेविका पर इस कार्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हैं. इतना ही नहीं सेविका पर जान-बूझकर परेशान करने का भी आरोप लगाते हैं. इसके लिए पूर्व में सरकार तथा प्रशासन द्वारा की गयी घोषणा का हवाला भी देते हैं. सात माह से नहीं मिला मानदेय :जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका व सहायिका को सात माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इस वजह से उन्हें आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है. लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें कर्ज लेकर घरेलू कार्य चलाना पड़ रहा है. 3 वर्ष तक के बच्चों का पोषण व शिक्षण की जिम्मेवारी संभालने वाली सेविकाओं व सहायिकाओं को अपने बच्चे की पढ़ाई इलाज में आर्थिक संकट बाधा बन रही है. इसको लेकर सेविका सहायिका संघ की ओर से कई बार धरना प्रदर्शन भी किया जा चुका है, लेकिन अबतक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है. क्या कहते हैं अधिकारीशहरी क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविका को उप रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करने का आदेश निर्गत नहीं किया गया है. इसको लेकर सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाना है. सुष्मिता शर्मासीडीपीओ, रिविलगंज इन क्षेत्रों के नागरिक हैं परेशान-छपरा नगर पर्षद-रिविलगंज नगर पंचायत-एकमा नगर पंचायत-दिघवारा नगर पंचायत-सोनपुर नगर पंचायत -मढ़ौरा नगर पंचायत -परसा बाजार नगर पंचायतक्या है उद्देश्य -जन्म प्रमाण पत्र के निर्गत करने में होने वाली परेशानी को दूर करना-पुरानी व्यवस्था के तहत होने वाले विलंब से बचना-नगर परिषद में कर्मचारियों की कमी के कारण होती है परेशानी-बच्चों के नामांकन समेत अन्य कार्यों में जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है. -सर्वोच्च न्यायालय में जन्म प्रमाण पत्र सभी के लिए अनिवार्य रूप से लगू करने का दिया है निर्देश-जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू करना राज्य सरकार की है जिम्मेवारी-शहरी क्षेत्र में नगर निकाय तथा सरकारी अस्पतालों से जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है-काम का दबाव अधिक रहने और कर्मचारियों की कमी के कारण जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदकों को महिनों चक्कर काटना पड़ता है.
बर्थ सर्टिफिकेट की मारामारी, आंगनबाड़ी सेविका को अधिकार का इंतजार
बर्थ सर्टिफिकेट की मारामारी, आंगनबाड़ी सेविका को अधिकार का इंतजारट्रेनिंग के बावजूद अब तक नहीं हासिल हो सका उप निबंधक का दर्जागांव-देहात में हरेक सेविका को बनाना था जन्म प्रमाणपत्र निर्गत करने का प्राधिकारीप्रभात पड़ताल संवाददाता-छपरा (सारण). उप रजिस्ट्रार का दर्जा मिला. सरकार ने प्रशिक्षण भी दिया. मुहर भी बन गया. पंजी-रजिस्टर भी मिल गया. […]
