जेंडर आधारित भेदभाव खत्म करना प्रमुखता

छपरा (सदर) : जेंडर आधारित भेद-भाव को त्याग कर पुरुषों को महिलाओं, थर्ड जेंडर के प्रति उदार बनाने की जरूरत है, तभी समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनेगा. ये बातें आठ राज्यों की यात्रा के बाद सारण में पहुंचे ‘राईट फॉर जेंडर फ्रीडम’ के सदस्यों अगुआ व शिवहर जिले के तरियानी निवासी राकेश कुमार सिंह तथा […]

छपरा (सदर) : जेंडर आधारित भेद-भाव को त्याग कर पुरुषों को महिलाओं, थर्ड जेंडर के प्रति उदार बनाने की जरूरत है, तभी समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनेगा. ये बातें आठ राज्यों की यात्रा के बाद सारण में पहुंचे ‘राईट फॉर जेंडर फ्रीडम’ के सदस्यों अगुआ व शिवहर जिले के तरियानी निवासी राकेश कुमार सिंह तथा नेपाल के काठमांडू की रहनेवाली उषा तितिक्षु ने कहीं.

दोनों सदस्यों ने कहा कि 15 मार्च, 2014 से उनलोगों ने भारत भ्रमण में निकल कर 1150 किलोमीटर की यात्रा 8 राज्यों में घूमते हुए पूरी की है. वहीं, मार्च 2018 तक साइकिल के द्वारा यह यात्रा पूरी करनी है. इस दौरान उन्होंने दो लाख लोगों से बातचीत के दौरान जेंडर आधारित भेदभाव एवं हिंसा के कारणों एवं उसके समाधान से संबंधित लोगों से विचार संग्रह किया है.

उन्होंने बताया कि समाज में अब भी महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिला है. महिलाओं को समान अधिकार देकर व उनके क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं कर ही बेहतर समाज बनाया जा सकता है. दल के सदस्य राकेश कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने मीडिया रिसर्च, मीडिया कंसल्टेंसी, काॅरपोरेट कम्यूनिकेशन आदि क्षेत्रों में भी जानकारी लेने के बाद अपना अभियान चलाया है.

अभियान के दौरान ही उनके अभियान से नेपाल की उषा तितिक्षु जुड़ी हैं.
राइट फॉर जेंडर फ्रीडम की दो सदस्यीय टीम साइकिल से आठ राज्यों का भ्रमण करने के बाद छपरा पहुंची

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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