सीआरएम ने कहा, शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

छपरा (सदर) : रेलवे ने यात्रियों को बिना परेशानी के बहुत कम अतिरिक्त लागत पर रेल यात्रा की सुविधा देने के लिए जिले में कम-से-कम चार दर्जन निजी रेल टिकट आरक्षण केंद्र (आरएसपी) खोले गये हैं. आइआरसीटीसी के तहत रजिस्टर्ड इन आरएसपी को पूरी तरह प्रावधानों के तहत काम करने व यात्रियों से प्रति टिकट […]

छपरा (सदर) : रेलवे ने यात्रियों को बिना परेशानी के बहुत कम अतिरिक्त लागत पर रेल यात्रा की सुविधा देने के लिए जिले में कम-से-कम चार दर्जन निजी रेल टिकट आरक्षण केंद्र (आरएसपी) खोले गये हैं. आइआरसीटीसी के तहत रजिस्टर्ड इन आरएसपी को पूरी तरह प्रावधानों के तहत काम करने व यात्रियों से प्रति टिकट 10 रुपये कमीशन तथा वातानुकूलित टिकट के लिए 20 रुपये प्रति टिकट यात्रियों से लेना है.

परंतु, इन अधिकृत टिकट काउंटर के अधिकतर संचालकों द्वारा निर्धारित कमीशन से आठ से 10 गुना तक राशि अवैध रूप से वसूली की जाती है. आखिर यात्री करें, तो क्या करें. उन्हें तो अपने गंतव्य स्थान पर सुरक्षित जाने की मजबूरी है.

मानदंडों को ताक पर रख रहे हैं आरक्षण के अधिकतर अधिकृत केंद्र
जिले के 90 फीसदी अधिकृत आरक्षण केंद्र आइआरसीटीसी के मानदंडों को नजरअंदाज कर अवैध कमाई में मशगूल है. इनके द्वारा अवैध कमाई के लिए एक तो प्रति टिकट के बदले यात्री की संख्या के आधार पर कमीशन की वसूली की जाती है. वह भी आठ से 10 गुना या उससे भी ज्यादा.
निजी कमाई के लिए विभिन्न चार स्थानों के यात्रियों का तत्काल आरक्षण टिकट एक ही टिकट पर बनवा देते हैं तथा चारों से अपना कमीशन अलग-अलग लेने के साथ-साथ एक यात्री को मूल टिकट तथा अन्य को उसकी फोटो कॉपी देे देते हैं. रेलवे द्वारा निर्धारित कोटे के बावजूद तत्काल टिकट आरक्षण में अवैध कमाई के लिए ये निजी आइडी का भी इस्तेमाल करते हैं.
वहीं, व्यक्तिगत आइडी पर टिकट देना गैरकानूनी है. अधिकतर अधिकृत काउंटर यात्रियों को पैसा लेने की न रसीद देते हैं न आरक्षण फाॅर्म भरवाते है और न रजिस्टर मेंटेन करते हैं. वहीं, इससे लोगों में काफी रोष है़

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