शांति के प्रयास में भारत का विशेष योगदान : करमापा 40 से ज्यादा देशों के नगरिकों ने लिया भाग, कहा- वी लव इंडियाबोधगया में आयोजित हुई कृतज्ञता यात्रा महाबोधि मंदिर में की गयी विश्व शांति की प्रार्थनाफोटो- बोधगया 05- कृतज्ञता यात्रा में शामिल 17वें करमापा व विदेशी नागरिक,06- कर्मा मंदिर के गेट पर विदेशी नागरिकों को भारत के बारे में बताते करमापासंवाददाता, बोधगया17वें ग्यालवा करमापा त्रिणले थाय दोरजे ने कहा कि विश्व में शांति स्थापित करने के प्रयास में भारत का विशेष योगदान रहा है. भारत के मुख्य रूप से बिहार के लोग आपसी भाईचारे, करुणा व सहयोग के क्षेत्र में सदियों से अग्रणी रहे हैं. शनिवार को बोधगया में कर्मा बौद्ध मंदिर से महाबोधि मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर की कृतज्ञता यात्रा शुरू करने से पहले विदेशी श्रद्धालुओं से उन्होंने उक्त बातें कहीं. बोधगया में पहली बार आयोजित इस ऐतिहासिक यात्रा में दुनिया के 40 से ज्यादा देशों (यूरोप, आस्ट्रेलिया व एशिया के देश)के नागरिक शामिल हुए. ये सभी यहां आयोजित काग्यु मोनलम चेन्मों में शामिल होने आये हैं. उन्होंने कहा कि शांति के प्रयास में भारत का योगदान विशेष है. करमापा ने उन्हें बताया कि यह शाक्यमुनि (बुद्ध) की ज्ञानस्थली है. यहां आने से लेकर वापस अपने वतन जाने तक बोधगया, बिहार व भारत के प्रशासन, स्थानीय लोग व अन्य का सहयोग लेना पड़ता है. हर क्षेत्र में लोग हमेशा सेवा व सहयोग देने को तत्पर रहते हैं. इस ऐतिहासिक पदयात्रा की अगुआयी करते हुए करमापा महाबोधि मंदिर पहुंचे व सभी के साथ बोधि वृक्ष के नीचे खड़े होकर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की.
शांति के प्रयास में भारत का विशेष योगदान : करमापा
शांति के प्रयास में भारत का विशेष योगदान : करमापा 40 से ज्यादा देशों के नगरिकों ने लिया भाग, कहा- वी लव इंडियाबोधगया में आयोजित हुई कृतज्ञता यात्रा महाबोधि मंदिर में की गयी विश्व शांति की प्रार्थनाफोटो- बोधगया 05- कृतज्ञता यात्रा में शामिल 17वें करमापा व विदेशी नागरिक,06- कर्मा मंदिर के गेट पर विदेशी नागरिकों […]
