थियेटर पर भारी पड़ रहे लोकगीत व लोक नृत्य

दिघवारा/सोनपुर. मुख्य पंडाल में आयोजित होनेवाले कार्यक्रमों में रिकाॅर्डिंग डांस दर्शकों को झूमाते हैं, तो विभिन्न राज्यों के कलकारों के लोक व भाव नृत्य दर्शकों को हंसते-हंसते लोट-पोट कर देते हैं. थियेटरों में ‘प्रेम रतन धन पायो’ के साथ सत्यम शिवम सुंदरम के भाव नृत्य को परोस कर कलाकार दर्शकों की तालियां बटोरते हैं. मेले […]

दिघवारा/सोनपुर. मुख्य पंडाल में आयोजित होनेवाले कार्यक्रमों में रिकाॅर्डिंग डांस दर्शकों को झूमाते हैं, तो विभिन्न राज्यों के कलकारों के लोक व भाव नृत्य दर्शकों को हंसते-हंसते लोट-पोट कर देते हैं. थियेटरों में ‘प्रेम रतन धन पायो’ के साथ सत्यम शिवम सुंदरम के भाव नृत्य को परोस कर कलाकार दर्शकों की तालियां बटोरते हैं.
मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयीं प्रदर्शनियाें में दर्शनार्थियों की अज्ञानता को दूर करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विधि, उद्देश्य व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला जाता है, तो वहीं अनगिनत जगहों पर बैठे पंडितों के सामने जुटनेवाली भीड़ में शामिल लोग तोते से अपना भाग्य जानने की होड़ में दिखते हैं. ऐसे अज्ञानी लोगों को मनमाफिक बात कर पंडितजी खूब दक्षिणा ऐंठ कर इनकी अज्ञानता का लाभ उठाते हैं. पारंपरिक विचार के सोचवाले लोगों का आज भी मानना है कि तोते की कही बातें शत-प्रतिशत सफल होती हैं.
मेले में बाइक व कारों की कई कंपनियों की प्रर्दशनियां लगी हैं, जहां वाहनों की बिक्री का रजिस्ट्रेशन भी खूब हो रहा है, तो दूसरी तरफ चिड़िया बाजार के समीप लगीं दुकानों में दर्शनार्थी घरेलू उपयोग के सामान खरीदते नजर आते हैं. मेले में सूई से लेकर तलवार तक बिक रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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