छपरा (सारण) : पिकअप वैन के चालक तथा खलासी की हत्या महज 70 हजार की बैटरी के लिए अपराधियों ने कर दी. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान इसका खुलासा किया है. हालांकि यह बात भी सामने आयी है कि अपराधियों ने नयी बैटरी समझ कर पिकअप वैन के चालक व खलासी की हत्या की.
लेकिन बाद में पता चला कि लूटी गयी बैटरी नयी नहीं है, वह पुरानी है. पुलिस ने लूटी गयी 48 बैटरियां बरामद कर ली हैं. बताते चलें कि पटना के संपतचक निवासी चालक मुकेश कुमार तथा उसके चचेरे भाई व खलासी मंजीत कुमार पांच दिसंबर को पटना से नयी बैटरी लेकर सारण जिले के मढ़ौरा तथा सीवान जिले के बड़हरिया में सप्लाइ देने के लिए चलें. दोनों जगहों पर नयी बैटरियों की आपूर्ति करने के बाद पुरानी बैटरी लेकर लौट गये.
रास्ते में पहले से परिचित विकास ने दोनों को रोक लिया और उसने नगर थाना क्षेत्र के मौना निवासी संजय प्रसाद के साथ मिल कर लूट व हत्या की योजना बना ली थी. बड़े ही शातिराना ढंग से घटना को अंजाम देनेवाले विकास और संजय ने पहले चालक मुकेश को यह प्रलोभन दिया कि तुम थाने में चोरी की प्राथमिकी दर्ज करा दो.
जब उसने प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया, तो इस घटना को अंजाम दिया गया. जीपीएस सिस्टम से हुआ खुलासा पुलिस ने पिकअप वैन में लगे जीपीएस सिस्टम तथा चालक के मोबाइल के कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया. इस घटना की उद्भेदन में वैज्ञानिक तरीके को पुलिस द्वारा पूर्ण रूप से इस्तेमाल किया गया.
एसपी सत्यवीर सिंह ने बताया कि जीपीएस सिस्टम के लोकेशन के आधार पर पुलिस ने यह पता लगाया कि कब-कब और कहां-कहां पिकअप वैन गया. विकास की गिरफ्तारी से पूरी घटना का राज फाश हो सका. पुलिस के लिए बनी थी चुनौती चालक व खलासी की हत्या कर करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर अलग-अलग मिले शव ने पुलिस के कान खड़े कर दिये थे.
एक साथ दो स्थानों पर शवों के मिलने से पुलिस चौकन्नी हो गयी थी. लेकिन, पोस्टमार्टम के पहले दोनों की पहचान नहीं हुई. बाद में पिकअप वैन के मालिक द्वारा पहचान करने के बाद पुलिस जांच में जुटी और 48 घंटे के अंदर उद्भेदन कर अपनी कार्य कुशलता का परिचय दिया. इस घटना में पूरे जिले के पुलिस ने अलग-अलग तरीके से काम किया.
इसकी बदौलत कम समय में यह कामयाबी मिली. पहली बार पुलिस के हाथ आये विकास व संजय चालक व खलासी हत्या मामले में पटना जिले के फतुआ निवासी विकास तथा छपरा नगर थाना क्षेत्र के मौना निवासी संजय प्रसाद पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. दोनों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला नहीं है.
लेकिन ऐसी आशंका है कि पूर्व में भी इन दोनों के द्वारा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है. इसकी जांच पुलिस के द्वारा की जा रही है. पकड़े गये दोनों युवक मोबाइल कंपनियों में टेक्नीशियन तथा सुपरवाइजर के रूप में काम करते हैं.
