क्षतिपूर्ति के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं किसान जलालपुर. एक तरफ जहां सरकार द्वारा किसानों को हर संभव मदद करने के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ विभागीय कारगुजारियों के कारण किसान आये दिन प्रखंड मुख्यालय से लेकर बैंक का चक्कर लगाने को विवश है. दर्जन भर किसानों को अब तक उनकी फसल क्षति के मुआवजे की कीमत मयस्सर नहीं हो पायी है. किसानों ने यह बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा यह बताया जाता है कि जलालपुर बीडीओ के खाते में पहुंची अधिप्राप्ति मद की राशि में से निकासी पर रोक लगाने का निर्देश बताया जाता है. ऐसी स्थिति में काफी लंबे समय से उनके फसल की क्षति का मुआवजा नहीं मिलने के कारण कर्ज लेकर खेती करने की मजबूरी उत्पन्न हो गयी है. इस संबंध में किसान रामपुजन राम, रोहित कुमार सहित कई किसानों का कहना है कि फसल उत्पादन से लेकर बिक्री तक प्रकृति की मार व प्रशासनिक कारगुजारियों उनके मनोबल को तोड़ दिया है. वहीं, किसानों ने वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग की. क्या कहते हैं अधिकारी अधिकतर किसानों के फसल क्षति मुआवजे की राशि उनके खातों में भेजी जा चुकी है. जिन किसानों के खातों में राशि नहीं पहुंची है, उनके खाते में जल्द ही राशि भेजी जायेगी.राजेश भूषणबीडीओ, जलालपुर
क्षतिपूर्ति के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं किसान
क्षतिपूर्ति के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं किसान जलालपुर. एक तरफ जहां सरकार द्वारा किसानों को हर संभव मदद करने के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ विभागीय कारगुजारियों के कारण किसान आये दिन प्रखंड मुख्यालय से लेकर बैंक का चक्कर लगाने को विवश है. दर्जन भर किसानों […]
