नेपाल, तिब्बत समेत देश के दूसरे प्रदेशों के कारोबारियों ने लगायीं अस्थायी दुकानें

छपरा (सदर) : सर्दी का मौसम शुरू होते ही जिले में ऊनी कपड़ों का बाजार गरमा गया है. स्थायी दुकानों के अलावा जगह-जगह टेंपररी स्टॉल लगाकर ठंडक से पार पाने के लिए ऊनी कपड़े बेचे जा रहे हैं. ठंड के दौरान अपने को बचाने के लिए आम जन खरीददारी करने में जुट गये है. इन […]

छपरा (सदर) : सर्दी का मौसम शुरू होते ही जिले में ऊनी कपड़ों का बाजार गरमा गया है. स्थायी दुकानों के अलावा जगह-जगह टेंपररी स्टॉल लगाकर ठंडक से पार पाने के लिए ऊनी कपड़े बेचे जा रहे हैं. ठंड के दौरान अपने को बचाने के लिए आम जन खरीददारी करने में जुट गये है. इन दुकानों में हर प्रकार के ऊनी वस्त्र, बिछावन, कंबल, शॉल आदि ऊनी कपड़े मिल रहे हैं.

100 से 5 हजार तक के बिक रहे कंबल : शहर के नगर परिषद परिसर डाकबंगला रोड, नगर थाना चौक से साहेबगंज जाने वाली रोड आदि विभिन्न मार्गों में उनी वस्त्रों को बेचने के लिए लुधियाना या अन्य शहरों से आने वाले व्यवसायियों तथा नेपाली विक्रेताओं के द्वारा अपनी-अपनी दुकानें लगाकर बिक्री की जा रही है.

इन दुकानों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक के लिए शॉल, कंबल, चादर, स्वेटर, कार्डिगन, उनी टोपी, मॉफलर, बिछावन, रजाई आदि बिक्री होने के लिए आयी है. लुधियाना से आये उनी वस्त्र विक्रेता प्रतिष्ठान के मैनेजर योगेंद्र पाल की माने तो उनके प्रतिष्ठान में साधारण से लेकर उच्च क्वालिटी के कंबल, शॉल, स्वेटर, कार्डिजन, बिक्री के लिए आया है.

पांच से सात हजार मूल्य तक के कंबल बिक्री के लिए आया है. उनका कहना है कि ठंड के मौसम की शुरूआत के साथ ही क्रेता दुकानों पर पहुंचने लगे है.
ब्रांडेड कपड़े की भी खासी मांग : शहर के हथुआ मार्केट, साहेबगंज रोड, भगवान बाजार, गुदरी बाजार के अलावे ग्रामीणें क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में भी स्थायी दुकानदारों द्वारा विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के रेडिमेंड कपड़ों को सजाया गया है.
जिन्में जैकेट, ब्लेजर, कोट, इनर आदि शामिल है. जिनकी किमतें उनकी गुणवत्ता के आधार पर 100 से लेकर 5 हजार रुपये तक है. परंतु, ठंड के मौसम में अपने को सुरक्षित रखने के लिए इसकी खरीदारी में तनीक भी हिचक नहीं रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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