संवाददाता, दाउदपुर (मांझी)
स्थानीय थाना क्षेत्र के दुधैला गांव में महिलाओं एवं पुरुषों ने नशामुक्ति का अभियान चला कर शराब विक्रेताओं एवं नशा करनेवालों को खबरदार किया है. रैली के दौरान काफी संख्याओं में महिलाएं हाथ में झाड़ू-डंडे लेकर गांवों की गलियों में भ्रमण किया और जबरदस्त विरोध प्रकट किया. उन सबों का कहना है कि शराब की लत से गांव के प्रत्येक परिवार के सदस्य शराब के शिकार होते जा रहे हैं. शराब सेवन करनेवाले व्यक्ति परिवार का पालन-पोषण करने के बजाय प्रताड़ित कर रहे हैं. खास कर उन घरों में औरतों एवं बच्चों को शराबियों के गलत आचरण से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस धंधे से शराब विक्रेताओं की तो चांदी कट रही है, किंतु उन परिवारों में समय से चूल्हे भी नहीं फूंके जाते हैं. बताते चलें कि पुलिस प्रशासन की ओर से अवैध धंधेबाजों को खदेड़ा जा रहा है, फिर भी चोरी छिपे शराब गांवों में बेची जा रही है. रैली में शामिल राजमुन्नी देवी का कहना है कि उनके घर में प्रतिदिन शराब पीने को लेकर औरतों की अपने पति से नोक -झोंक होती रहती है. उधर, उमरावती देवी ने बताया कि पति की शराब पीने से हुई बीमारी से 50 हजार रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं. उनका आरोप था कि पुरुष शराब के नशे में महिलाओं को प्रताड़ित करते हैं. बेघर करते हैं. यहां तक कि जमीन भी बेच डालते हैं. उधर, मुन्नी देवी का कहना है कि पति शराब पीने के लिए हजारों रुपये कर्ज ले चुके हैं. हमारे जैसे लोग के बाल-बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. प्रदर्शन करतीं महिलाओं ने बताया कि अगर इस पर पाबंदी नहीं लगायी गयी या प्रशासन द्वारा पहल नहीं की गयी, तो जिले के उच्च पदाधिकारियों से जाकर मिलेंगी.
