एक दर्जन प्रखंडों की आबादी बाढ़ से जूझने को है मजबूर
छपरा (सारण) : एक तो नीम, उस पर चढ़ा करैला वाली कहावत बाढ़पीड़ितों के साथ मंगलवार को चरितार्थ हुई. छपरा शहरी क्षेत्र समेत जिले के करीब एक दर्जन प्रखंडों की आबादी बाढ़ की स्थिति से एक माह से जूझ रही है.
इसी बीच सोमवार की रात तथा मंगलवार को दिन में हुई बारिश के कारण शहरी क्षेत्र की हालत खराब हो गयी है. शहरी क्षेत्र के अधिकतर मुहल्लों के गली–सड़कों पर बरसात का पानी जमा हो गया है. खनुआ नाले के दक्षिणी मुहाने को सील कर दिये जाने से बरसात के पानी की निकासी नहीं हो रही है.
खनुआ नाला पहले से ओवरफ्लो कर रहा है. इस वजह से कई मुहल्लों के लोग बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं. उनकी परेशानी बारिश ने और बढ़ा दी है. साहेबगंज, सरकारी बाजार, तीनकोनिया, पुरानी गुड़हट्टी, सोनारपट्टी, करीमचक, खनुआ, कुरैशी मुहल्ला, इमली मुहल्ला, तेलपा, रावल टोला, दहियावां, रतपुरा, अजायबगंज, बह्रमपुर आदि मुहल्लों में लोग तबाह है.
प्रधान डाकघर, बीएसएनल कार्यालय परिसर में पहले से जलजमाव है और अब व्यवहार न्यायालय परिसर में भी जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इसके अलावा छपरा जंकशन स्टेशन रोड, भगवान बाजार थाना रोड, राजेंद्र कॉलेज रोड पर भी जलजमाव के कारण राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.
डीएम ने किया दौरा
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मंगलवार को बाढ़ग्रस्त रिविलगंज, मांझी तथा जलालपुर प्रखंडों के कई गांवों दौरा किया और बाढ़पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया. एक माह से बाढ़ की विभीषिका ङोल रही सिताबदियारा, प्रभुनाथ नगर पंचायतों के कई गांवों का मुआयना किया.
बाढ़पीड़ितों से भी मिले और राहत व बचाव कार्यो के बारे में जानकारी ली. डीएम ने प्रभुनाथ नगर और बैजू टोला में चलाये जा रहे चिकित्सा सहायता शिविरों का भी निरीक्षण किया तथा जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया. दियारा क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य चलाने को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा–निर्देश भी डीएम ने दिया. डीएम ने कहा कि अब नये बाढ़पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण करने से पहले अनुश्रवण समिति से प्रस्ताव पारित कराएं. उन्होंने एसडीआरएफ टीम की नाव से भ्रमण किया.
इस दौरान उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी क्यूम अंसारी, अंचल पदाधिकारी राजीव कुमार राय, प्रखंड प्रमुख विपिन कुमार सिंह, मुखिया परमात्मा सिंह, नाजिर वीरेंद्र राय के अलावा राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे. डीएम ने मांझी प्रखंड के मरहा बिनटोलिया तथा रिविलगंज के ढेलहारी और जलालपुर प्रखंड के भटवलिया का भी दौरा किया.
वहां ओवरफ्लो को रोकने का कार्य कर रहे मजदूरों को मारपीट कर भागने और सामग्री लूटे जाने के बारे में भी जानकारी ली. इस दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार केसरी भी मौजूद थे.
राहत सामग्री का वितरण
पूर्व मंत्री व राजद नेता उदित राय ने मंगलवार को भी सिताबदियारा व प्रभुनाथ नगर के बाढ़पीड़ितों के बीच तैयार भोजन का वितरण किया. उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरे लोगों के बीच तैयार भोजन का वितरण नहीं होने से उनमें आक्रोश है. उन्होंने सरकार व प्रशासन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया.
फैला बाढ़ का पानी
जिले में तीनों नदियों के जल स्तर में कमी आयी है. लेकिन दर्जनों पंचायतों के नये इलाकों में बाढ़ का पानी काफी तेजी के साथ फैलता जा रहा है. इस वजह से बाढ़पीड़ितों की संख्या बढ़ गयी है. बाढ़ से फसलों को काफी क्षति पहुंची है. दर्जनों पंचायतों को आपस में जोड़नेवाली सड़कों के बाढ़ के पानी में डूब जाने से आवागमन ठप हो गया है. जल स्तर घटने से छपरा–मांझी रोड पर बाढ़ के पानी का बहाव कम हुआ है.
लेकिन दोनों तरफ का क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न है. छपरा–पटना मेन रोड पर भी बाढ़ के पानी का बहाव जारी है और आवागमन ठप है. छपरा–बलिया और छपरा–सोनपुर रेलखंडों पर बाढ़ के पानी का दबाव अब भी बना हुआ है. बाढ़ का पानी कम हुआ है, अभी टला नहीं है. गंगा नदी खतरे के निशान से 125 सेमी, सोन 70 सेमी और सरयू नदी आठ सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जिले की स्थिति सामान्य होने में एक माह तक का समय लगने की बात कही जा रही है.
