छपरा (सदर) : छपरा शहर के दर्जनों मुहल्लों में जलजमाव ने हजारों परिवारों व व्यवसायियों का जीवन तबाह कर दिया है. वहीं, सोमवार की शाम व मंगलवार की सुबह हुई जम कर बारिश से जिला मुख्यालय के विभिन्न मुहल्लों के साथ–साथ दर्जनों कार्यालयों में बाढ़ का नजारा दिख रहा है.
इससे मंगलवार को कई कार्यालयों में पदाधिकारियों व कर्मचारियों के लिए एक ओर जहां कार्यालय में जाकर कार्य निष्पादन मुश्किल हो गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोगों को भी इन कार्यालयों में काम कराने के लिए जाने में भारी परेशानी दिखी. इसकी वजह विभिन्न कार्यालयों के पदाधिकारी व कर्मचारी खनुआ नाले की सफाई नहीं होना बताते हुए नगर पर्षद प्रशासन को कोसते दिखे.
मंडियों में बिक्री बाधित
शहर के दर्जन भर व्यावसायिक तथा साहेबगंज, सरकार बाजार, साहेबगंज तीनकोनिया, कपड़ा पट्टी, दलदली बाजार, पुरानी गुड़हट्टी आदि तमाम मंडियों में बाढ़ के पानी व बारिश की वजह से पूरे दिन देहाती क्षेत्र से आनेवाली खरीदारों की संख्या नगण्य रही. एक ओर बाढ़ व दूसरी ओर बारिश ने बाढ़पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
प्रशासन के द्वारा हालांकि लगातार बाढ़पीड़ितों को बेहतर सहायता प्रदान करने के प्रयास किये जा रहे हैं. परंतु, बाढ़पीड़ितों की संख्या के अनुपात में राहत कार्य असंतोषजनक होने की बात बाढ़पीड़ित कह रहे हैं.
वहीं, विभिन्न मुहल्लों यथा, माधव बिहारी सलेमपुर, शिल्पी सिनेमा चौक, मोहन नगर से नेहरू नगर जानेवाली सड़क, छपरा कचहरी रेलवे कॉलोनी आदि मुहल्लों में जलजमाव के कारण शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं, दूसरी ओर सारण समाहरणालय के बिक्री कर विभाग, बाल विकास परियोजना कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला सहकारिता कार्यालय, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कार्यालय, सदर एसडीओ कार्यालय, डीडीसी कार्यालय परिसर, जिला पर्षद व शिक्षा विभाग के कार्यालयों, खादी ग्रामोद्योग के सलेमपुर कार्यालय, जिला नियंत्रण कक्ष, सारण जिला को–ऑपरेटिव बैंक के बंद कार्यालय परिसर, सदर अस्पताल परिसर, छपरा जेल परिसर, समाहरणालय में एडीएम कार्यालय के निकट से गुजरनेवाली सड़क, सिविल कोर्ट परिसर आदि कार्यालयों में एक तो बाढ़ तथा दूसरी ओर हुई भीषण बारिश के कारण जलजमाव का नजारा दिखा.
