मांझी : प्रखंड संसाधन केंद्र में खरीद कर रखा गया धान सड़ रहा है और उसके खराब हो जाने की आशंका है. स्थानीय प्रशासन खाद्यान्नों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह उदासीन है. वर्ष 2012-13 में पैक्स के माध्यम से सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर 19 हजार क्विंटल धान का क्रय किया गया, जिसमें से करीब आठ हजार 803 क्विंटल धान मिलरों को चावल तैयार करने के लिए दिया गया.
चावल तैयार होने के बाद उसे बेस गोदाम में भेजा गया. लेकिन 10 हजार 197 क्विंटल धान बीआरसी भवन में रखा गया है. इसके रख–रखाव की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिस भवन में धान का भंडारण किया गया है, उसमें खिड़की–दरवाजे नहीं हैं. बारिश होने पर धान का बोरा भीग रह है.
बारिश के पानी से भीगने के कारण दर्जनों बोरा धान बरबाद हो चुका है और अंकुरित हो चुका है. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी बीडीओ अनिल कुमार ने बताया कि धान का उठाव करने के लिए बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन धान का उठाव नहीं किया जा रहा है. प्रखंड मुख्यालय में धान भंडारण के लिए कोई अन्य भवन या गोदाम खाली नहीं है.
अर्धनिर्मित बीआरसी भवन में धान रखे जाने से उसका निर्माण कार्य रुका हुआ है. भवन के अभाव में दूसरी जगह जैसे–तैसे काम चलाया जा रहा है. इस संबंध में प्रभारी बीडीओ का कहना है कि वरीय अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर बीआरसी भवन में धान का भंडारण किया गया है.
