दिघवारा : गंगा, सोन, गंडक व माही नदियों में तेजी से बढ़ रहे जल स्तर से कई गांव जलमग्न हो गये हैं. आलम यह है कि दिघवारा, दरियापुर व गड़खा प्रखंडों में अब श्मशान घाट भी सूखा नहीं रहा एवं इन जगहों पर भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे मृत लोगों के अंतिम संस्कार के लिए भी जगह शेष नहीं बची है.
हालात ये हैं कि मृत लोगों का अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों को जगह की तलाश में प्रतिदिन इधर–उधर भटकते देखा जा रहा है. दरियापुर, गड़खा व दिघवारा प्रखंडों के कई गांवों में पिछले एक सप्ताह के अंदर मरे लोगों का अंतिम संस्कार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर किया गया. इन दिनों हराजी मोड़ से लेकर बोधा छपरा व झौवा आदि गांव तक का एरिया श्मशान घाट की शक्ल ले चुका है.
प्रतिदिन एनएच 19 के किनारे दर्जनों शवों का अंतिम संस्कार होते देखा जाता है. अहले सुबह व देर शाम शवों का अंतिम संस्कार ज्यादा संख्या में होता है. एनएच 19 पर भैरोपुर, मटिहान , रहिमापुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, हराजी, फकुली, गोराइपुर, झौवा, संठा आदि जगहों के लोगों द्वारा अपने परिवार के मृत सदस्यों के अंतिम संस्कार करने का क्रम जारी है. बाढ़ में अंतिम संस्कार के लिए गंगा घाटों तक शवों को लाने में भी परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
