परसा/गड़खा/अमनौर : आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय, मोलनापुर पूरे दिन पुलिस छावनी में तब्दील रहा. विद्यालय के चापाकल के जहरीले पानी पीने से प्राचार्य समेत नौ छात्र–छात्रा अचेत हो गये. घटना की सूचना भेल्दी थानाध्यक्ष श्री चरण राम, बीइओ रामसेवक राम के अलावा कई पदाधिकारियों को दी गयी.
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने सभी छात्रों को गड़खा पीएचसी में भरती कराया. वहीं बीइओ रामसेवक राम मौके पर पहुंचे. वे आक्रोशित अभिभावकों को समझाने की कोशिश कर रहे थे. बीइओ की बातों को नजरअंदाज करते हुए आक्रोशित अभिभावकों ने हंगामा करते हुए स्कूल का बेंच तोड़ कर छपरा–रेवा एनएच 102 पर विद्यालय के समीप सड़क को जाम कर टायर जला कर प्रदर्शन करते हुए शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गयी.
जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बीडीओ आशिष कुमार सिन्हा, सीओ अरुण कुमार ने आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे. बीइओ रामसेवक राम को आक्रोशित लोगों ने बंधक बना कर विद्यालय के कमरे में बंद कर दिया और कटसा चौक पर लोगों ने टायर जला कर जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित अभिभावकों एवं ग्रामीणों का कहना था कि मशरक कांड अभी शांत नहीं हुआ, तबतक शिक्षा विभाग एवं शिक्षकों के लापरवाही के कारण दूसरा हादसा हो गया. विद्यालय में बनाये गये मिड डे मील को अभिभावकों ने जहरीले चापाकल के पानी से बने खाना को खाने से बच्चों ने इनकार कर दिया. इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
बीडीओ को छुड़ाने के लिए लगभग ढाई घंटे बाद आ रहे डीएम अभिजीत सिन्हा ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए घटनास्थल से पहले ही लौटने लगे कि कटसा चौक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने डीएम के वाहन पर लाठी चला दी. हालांकि डीएम का वाहन क्षतिग्रस्त होने से बच गया.
लेकिन पीछे आ रहे दो वाहनों का शीशा तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया. भयंकर स्थिति को देखते हुए भेल्दी के अलावा परसा, मकेर, अमनौर, गड़खा, तरैया, अवतार नगर, दिघवारा तथा मढ़ौरा थाने की पुलिस को मौके पर बुलाया गया. घटना के लगभग चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीओ कयूम अंसारी ने ग्रामीणों को समझा–बुझा कर यातायात बहाल करा दिया. लेकिन बीइओ को मुक्त कराने में नाकामयाब रहे. समाचार लिखे जाने तक पूरा घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील था.
