छपरा (सदर) : सारण जिले में महज 27 फीसदी धान की रोपनी हुई है. इसकी वजह जुलाई में सारण में सामान्य वर्षापात 296.6 एमएम के बदले महज 72.6 एमएम वर्षापात होना है. ऐसी स्थिति में सरकार के द्वारा धान व मक्का के फसल व बिचड़ा को बचाने के लिए 2.74 करोड़ डीजल सब्सिडी स्वीकृत की गयी है.
इसमें 94.42 लाख रुपये प्रथम किस्त के रूप में मिल गये हैं. यह जानकारी डीएम अभिजीत सिन्हा ने पत्रकारों को दी. उन्होंने कहा कि सारण जिले में धान की खेती के निर्धारित लक्ष्य 86 हजार हेक्टेयर के बदले 22.5 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हो पायी है, जो लक्ष्य से काफी कम है.
* एकड़ के हिसाब से अनुदान
डीएम के अनुसार, धान का बिचड़ा बचाने के लिए दो बार अनुदान तथा उसकी सिंचाई के लिए तीन बार अनुदान मिलेगा. प्रति एकड़ एक बार में सिंचाई के लिए 25 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कुल 750 सौ रुपये अनुदान के रूप में मिलेंगे. यह अनुदान एकड़ के हिसाब से मिलेगा. किसान जितनी ज्यादा क्षेत्र में खेती करेगा, उसके हिसाब से अनुदान मिलेगा. अनुदान 31 अक्तूबर तक अधिकृत दुकानदार से क्रय करने पर कैशमेमो के आधार पर दिया जायेगा.
प्रत्येक पंचायत में किसान सलाहकार, हल्का कर्मचारी या पंचायत सेवक को आवेदन लेने के लिए बीडीओ द्वारा चिह्न्ति किया जायेगा, जिससे किसानों को अनुदान मिलने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो. वहीं, डीजल सब्सिडी की राशि पंचायत अनुश्रवण समिति सह निगरानी समिति की देख–रेख में बंटेगी. इसके सदस्य मुखिया, सरपंच, पूर्व मुखिया, पूर्व सरपंच तथा एक सरकारी कर्मचारी होंगे.
* पर्याप्त विद्युत की व्यवस्था
डीएम ने बताया कि जिले के सभी ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में किसानों की जरूरत के आधार पर सुबह नौ बजे से संध्या पांच बजे तक आठ घंटे लगातार बिजली की आपूर्ति का निर्देश दिया गया है. जिससे किसानों को अपनी फसल की सिंचाई में परेशानी नहीं हो. वहीं, खराब पड़े नलकूप को ठीक करने के लिए भी निर्देशित किया गया है.
