* परीक्षा केंद्रों पर कुव्यवस्था को ले जोनल मजिस्ट्रेट नाराज
छपरा (सदर) : जिला मुख्यालय के सात केंद्रों पर डिप्लोमा सर्टिफिकेट के लिए पॉलिटेक्निक की परीक्षा में कुछ परीक्षा केंद्रों पर क्षमता के डेढ़ से दोगुना विद्यार्थी होने की वजह से कुव्यवस्था का माहौल दिखा.
जोनल पदाधिकारी के रूप में तैनात पदाधिकारियों ने कुछ निजी कॉलेज केंद्रों पर जरूरत से ज्यादा विद्यार्थी देने के कारण केंद्र के केंद्राधीक्षक से लेकर विभागीय पदाधिकारी व कर्मचारी चर्चा करते देखे गये. वहीं, इस बात को लेकर भी चर्चा थी कि मुख्य शहर में अवस्थित कई सरकारी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र नहीं बना कर शहर से बाहर अनुपयुक्त या निजी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बना कर मनमाने ढंग से ज्यादा परीक्षार्थी देने के कारण कुव्यवस्था दिखी.
* बने महज सात केंद्र
पॉलिटेक्निक परीक्षा के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों द्वारा महज सात केंद्र बनाये गये थे. इनमें जगलाल राय कॉलेज घेघटा, डॉ आरएन सिंह इवनिंग कॉलेज नेवाजी टोला में नौ–नौ सौ परीक्षार्थी, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चांदमारी में 750, पारस डिग्री कॉलेज तेलपा में 456, डॉ सैयद मेमोरियल हाइस्कूल में 532, जिला स्कूल, छपरा में 532 तथा एसडीएस कॉलेज, छपरा में 450 परीक्षार्थी का केंद्र बनाया गया.
पॉलिटेक्निक जांच परीक्षा के लिए शहर में कुल सात केंद्र बनाये गये थे, परंतु, कुछ केंद्रों पर कथित रूप से माफियाओं की मिलीभगत से परीक्षा केंद्र पर शिक्षक के बदले आदेशपाल या संबंधित संस्था या अन्य शिक्षण संस्थान में शिक्षक की ड्यूटी नहीं करनेवाले लोगों ने भी वीक्षण कार्य किया. यही नहीं, ऐसे लोगों ने बेखौफ होकर कुछ केंद्राधीक्षकों की मिलीभगत से बजाप्ता कागज पर हस्ताक्षर भी किये.
जोनल दंडाधिकारी सह एडीएम कामेश्वर शुक्ल ने जहां जगलाल राय कॉलेज पर क्षमता से ज्यादा पॉलिटेक्निकके परीक्षार्थियों के शामिल होने से कुव्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी. वहीं डॉ आरएन सिंह इवनिंग कॉलेज पर औचक निरीक्षण के दौरान जोनल मजिस्ट्रेट सह डीआरडीए के निदेशक जेड अहमद ने परीक्षा केंद्र में आठ से नौ परीक्षार्थियों द्वारा मोबाइल वाइव्रेशन में रखने के मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्राधीक्षकों को चेतावनी दी. वहीं, कुछ केंद्रों पर शिक्षा माफियाओं द्वारा अपनी कारगुजारियों को भी इस परीक्षा में चोरी–छिपे अंजाम दिया गया.
