छपरा/मशरक : ज्यों-ज्यों गाड़े गये शव सड़ रहे हें, त्यों-त्यों गंडामन में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिये एक नयी मुसीबत खड़ी हो गयी है. मुसीबत का कारण यह है कि गंडामन गांव के पास एक साथ 23 छात्र-छात्राओं के शव को दफनाया गया है. सभी छात्र नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के छात्र थे और मंगलवार को मिड डे मील के तहत बने जहरीला भोजन खाने से 23 छात्रों की मौत हो गयी थी
वहीं करीब दो दर्जन से अधिक गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका पीएमसीएच में उपचार चल रहा है. यहां शवों को बुधवार को दफनाया गया. शवों को विद्यालय भवन (जो मूलत: सामुदायिक भवन) के आसपास दफनाया गया है. जैसे-तैसे मिट्टी से ढंके गये शवों को सियार और कुत्ता भी अपना आहार बनाने लगे हैं और शवों को जहां-तहां बिखेर रहे हैं. शवों के सड़ने के कारण फैल रही बदबू व दरुगध से संक्रमण फैलने की भी आशंका बढ़ गयी है.
* बचाव में जुटी मेडिकल टीम
संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका के मद्देनजर मेडिकल टीम ने शुक्रवार को गांव में पहुंच कर बचाव कार्य शुरू कर दिया है. प्रभारी सिविल सजर्न डॉ शंभुनाथ सिंह के नेतृत्व में मेडिकल टीम गांव में पहुंची. ब्लीचिंग पाउडर, चूना आदि का छिड़काव पूरे गांव में कराया जा रहा है.गांव में बीमार पड़े लोगों का उपचार शुरू कर दिया गया है. मेडिकल टीम में तरैया, मढ़ौरा, पानापुर तथा अमनौर एवं छपरा सदर अस्पताल से चिकित्सकों का दल एंबुलेंस व दवाओं के साथ पहुंचा है.
* बीमार अस्पताल में भरती
गंडामन गांव के अब तक दर्जनों से अधिक बीमारों को अस्पतालों में भरती कराया जा चुका है. दो मरीज को सदर अस्पताल, दो को रेफरल अस्पताल और अन्य को मशरक पीएचसी में भरती कराया गया है और सभी का उपचार चल रहा है. गांव में लगभग एक सौ व्यक्तियों का उपचार किया गया. पीएचसी में चार चिकित्सकों को तैनात किया गया है.
* डीडीटी का कराया छिड़काव
गांव में ब्लीचिंग पाउडर, चूना के साथ-साथ डीडीटी का भी छिड़काव कराया गया. प्रभारी सिविल सजर्न की देखरेख में यह कार्य हुआ. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त ब्लीचिंग पाउडर, डीडीटी और चुना का भंडारण किया गया है. पर्याप्त मात्र में दवा भी उपलब्ध करादी गयी है.
स्कूल के आसपास जहां शवों को दफनाया गया है, वहां भी ब्लीचिंग पाउडर, चूने का छिड़काव कराया गया. शवों को ढकने के लिए जेसीबी मशीन लगायी गयी है. अगल-बगल से मिट्टी काट कर कब्रों पर डाला जा रहा है. दरअसल इस घटना से मर्माहत लोग शवों को सही तरीके से नहीं दफना पाये. फलत: शवों के सड़ने से बदबू व दरुगध फैल रही है और कुत्ता-सियार रात में कब्र को खोद कर शवों को अपना आहार बना रहे हैं.
