छपरा (सदर) : पेट्रोलियम कपंनियों द्वारा एलपीजी सिलिंडर धारकों को एक जनवरी से सरकारी निर्देश के आलोक में सब्सिडी की राशि खाते में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए ग्राहकों को फॉर्म भर कर बैंकों में तथा विभिन्न कंपनियों के संबंधित एजेंसी में जमा करना है.
संबंधित कंपनियों के द्वारा सरकार के निर्देश के आलोक में नि:शुल्क फार्म उपलब्ध करना है. लेकिन, ज्यादातर गैस एजेंसियों इन फॉर्मों के लिए ग्राहकों से पांच से 10 रुपये वसूल रही हैं. यहीं नहीं, कुछ एजेंसी धारकों द्वारा फॉर्म नहीं होने की बात कह कर बगल के फोटो स्टेट दुकानदारों के यहां फार्म मिलने की बात कह कर भेज दिया जाता है. जहां ग्राहकों को पैसे देकर खरीदना पड़ता है.
इस तरह कई एजेंसियां हजारों रुपये नाजायज वसूली कर रही हैं. सरकार के निर्देश के आलोक में सभी खाताधारकों की सब्सिडी राशि उनके खाते में एक जनवरी 2015 से भेजा जाना है. ऐसी स्थिति में ग्राहकों को अब नकद 900 रुपये के करीब दाम देकर गैस खरीदना पड़ेगा तथा सब्सिडी की राशि सरकार उनके खाते में देगी. इसके लिए वैसे ग्राहक जिनके पास आधार कार्ड है, वे फॉर्म एक तथा दो भर कर एक फॉर्म बैंक में (जहां उनका खाता है) तथा दूसरे फॉर्म को संबंधित गैस एजेंसी (जहां से कनेक्शन लिया गया है) जमा करेंगे.
वहीं वैसे ग्राहक जिनके पास आधार कार्ड नहीं है ,उन्हें फार्म तीन तथा चार में से फार्म तीन को एजेंसी में तथा चार को बैंक में या सिर्फ एजेंसी में ही फार्म को भर कर जमा करने के बाद उन्हें सरकार द्वारा दी गयी सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा.
* गैस एजेंसियों के दफ्तरों में उमड़ रही भीड़ : विभिन्न शहरी क्षेत्र की गैस एजेंसियों में पूरे दिन काउंटर पर फार्म लेने वाले ग्राहकों की कतार लगी रहती है. गैस एजेंसी द्वारा महज एक काउंटर चलाये जाने के कारण फार्म लेने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. साथ ही फॉर्म के लिए नाजायज राशि भी देनी पड़ती है.
