छपरा (सारण) : करीब तीन वर्षो से नियोजन की आस लगायी आरती कुमारी को नियोजन से वंचित किये जाने की आशंका है. जिले के रिविलगंज प्रखंड के सलेमपुर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 107 पर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर बहाल मनीषा कुमारी के खिलाफ आठ दिसंबर, 2011 को ही शिकायत की थी.
जिसके आधार पर यह स्पष्ट हो चुका है कि मनीषा का प्रमाणपत्र फर्जी है. बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों द्वारा सेविका के खिलाफ अब तक जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है और ना ही उसके द्वारा मानदेय के रूप में ली गयी राशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही है. आरती ने आरोप लगाया कि 13 दिसंबर, 2014 को नियोजन पैनल की वैधता समाप्त होनेवाली है और अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर कार्रवाई करने के बजाय पैनल की वैधता समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है तथा मामले को टाल-मटोल कर लटकाया जा रहा है.
आरती के अनुसार, नियोजन पैनल में मनीषा कुमारी जालसाजी कर प्रथम स्थान पर चली गयी थी, लेकिन प्रथम स्थान पर उसी का नाम (आरती) होना चाहिए. जब जांच में जालसाजी की बात सामने आ गयी, तो कभी डीएम के यहां, तो कभी सीडीपीओ के यहां तो कभी डीपीओ के यहां फाइल भेज कर मामले को अधर में लटका कर रखा गया है.
