छपरा (सारण) : अब जयप्रभा जननी बाल सुरक्षा आरोग्य एक्सप्रेस एंबुलेंस पर भी मरीजों का उपचार हो सकेगा. एंबुलेंस (102) से केवल मरीजों को अस्पताल ले जाने व ले आने का काम नहीं होगा, बल्कि उसी पर उपचार के लिए चिकित्साकर्मी भी रहेंगे
एंबुलेंस पर उपचार के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे. इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है. इसके लिए पारा मेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्साकर्मियों को दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शनिवार को शुरू हो गया है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सिविल सजर्न डॉ विनय कुमार यादव ने कहा कि मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने में 102 नंबर एंबुलेंस कारगर सिद्ध हुआ है और इस सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एंबुलेंस पर ही उपचार के संसाधन के साथ चिकित्साकर्मियों को भी तैनात करने का विभाग ने निर्णय लिया है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से पूरी ईमानदारी के साथ प्रशिक्षण लेने व जनहित में मानव कल्याण के लिए कार्य करने को कहा. उन्होंने कहा कि इसकी व्यवस्था हो जाने से दुर्घटना में घायल व आपातकालीन मरीजों की जान बचाने में सहूलियत होगी.
इस मौके पर पटना से प्रशिक्षक अमित प्रकाश ने चिकित्साकर्मियों को तकनीकी जानकारी दी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य प्रबंधक धीरज कुमार, जिला एंबुलेंस कंट्रोलर सत्य प्रकाश आदि ने अपने विचार रखे. इस मौके पर मुन्ना कुमार, विनय कुमार, राजेश कुमार, प्रेमनाथ, लालदेव, रणजीत, ब्रजेश, मनोज, कन्हैया आदि ने भाग लिया.
* एंबुलेंस में उपचार के संसाधन के साथ-साथ चिकित्साकर्मी भी रहेंगे तैनात
* पारा मेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्साकर्मियों को दिया जा रहा तकनीकी प्रशिक्षण
