सीसीटीवी के फुटेज के आधार की जा रही उपद्रवियों की पहचान
छपरा (सारण) : मूर्ति विसजर्न के दौरान तोड़फोड़, पत्थरबाजी व आगजनी के मामले में नगर थाने में चार अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं. एक प्राथमिकी बीएसएनएल के गार्ड प्रभारी सुरेंद्र राय के बयान पर दर्ज की गयी है, जबकि दूसरा मामला नगर पर्षद के जेसीबी चालक विनोद कुमार ने दर्ज करायी है. तीसरा मामला डीएम के अंगरक्षक पिंटू कुमार व हाउस गार्ड राजेंद्र कुमार राय के बयान पर पुलिस ने दर्ज किया है. चौथा मामला नगर थाने के पुलिस निरीक्षक शरतेंदु शरत ने स्वयं के बयान पर दर्ज किया है.
इधर इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है. उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से की जा रही है. उपद्रवियों द्वारा की गयी आगजनी को करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट होने की बात सामने आयी है. बीएसएनएल की लगभग 60 लाख से अधिक की संपत्ति को क्षति पहुंची है. नगर पर्षद की लगभग 35 लाख की संपत्ति उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया. इस घटना में सबसे अधिक बीएसएनएल तथा नगर पर्षद को क्षति उठानी पड़ी है.
साक्ष्य पर आधारित प्राथमिकी :
नगर के पुलिस निरीक्षक शरतेंदु शरत ने साक्ष्य पर आधारित प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें सीसी टीवी कैमरे के फुटेज को साक्ष्य का आधार बनाया गया है. घटना के समय पहले से मौना चौक स्थित जेपी टावर पर चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें सुबह से लेकर देर शाम तक चला घटनाक्रम कैद है और प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों का अध्ययन पुलिस कर रही है.
45 मिनट देर होती, तो ठप हो जाती उत्तर बिहार की संचार व्यवस्था
छपरा (सदर) : सोमवार को प्रतिमा विसजर्न के दौरान हुए विवाद में बीएसएनएल के साहेबगंज स्थित परिसर में लगायी गयी आग पर काबू पाने में थोड़ी भी देर हुई होती, तो उत्तर बिहार तथा यूपी के पूर्वी क्षेत्र के 10 जिलों की सभी तरह की संचार व्यवस्था ठप हो जाती. बीएसएनएल का छपरा कार्यालय सारण, सीवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, बलिया, गाजीपुर, बनारस का ‘कम्यूनिकेशन हब’ है. वहीं, मुजफ्फरपुर की भी संचार व्यवस्था विकल्प के रूप में इस संचार केंद्र से जुड़ी है.
बीएसएनएल के महाप्रबंधक आलोक कुमार की सूचना के बाद डीएम कुंदन कुमार के तत्काल प्रयास के बाद एक ओर जहां विद्युत कनेक्शन ठप कराया गया, वहीं अगिAशमन दल ने बीएसएनएल की आग पर काबू पाया. 30 से 45 मिनट की भी देर होती, तो पूरी बिल्डिंग आग की चपेट में आ जाती. पुन: इस व्यवस्था को पटरी पर लाने में आठ से 10 दिन लग जाता. जीएम श्री कुमार के अनुसार, परिसर में स्थित दो जेनेरेटरों में एक जेनेरेटर, जो 250 केवीए का है, पूरी तरह जल कर समाप्त हो गया है. ऐसी स्थिति में सीधे जेनेरेटर चला कर संचार व्यवस्था को चालू रखा गया. यदि दोनों जेनेरेटर पूरी तरह जल जाते, तो संचार व्यवस्था 10 जिलों में ठप हो जाती.
