छपरा (सारण) : आशा को जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम) द्वारा बरखास्त करने की धमकी देने के विरोध में सोमवार को बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में चिकित्साकर्मियों ने प्रदर्शन किया तथा सिविल सजर्न को ज्ञापन सौंपा.
संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र प्रसाद तथा जिला मंत्री संध्या श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डीसीएम के खिलाफ जम कर नारेबाजी भी की. सिविल सजर्न कार्यालय और जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया.
नेताओं ने कहा कि ठेका प्रथा और संविदा लागू करने से चिकित्सा सेवा चौपट हो चुकी है. कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है और जनविरोधी नीति लागू की जा रही है. संघ इसे बरदाश्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ चरणबद्ध तरीके से व्यापक स्तर पर जन आंदोलन चलाया जायेगा.
नेताओं ने कहा कि पूर्व में सरकार द्वारा संघ के साथ किये गये समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है और अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करनेवालों पर लाठियां बरसायी जा रही हैं.
प्रदर्शनकारियों की सभा को सिकंदर चौधरी, अनिल कुमार मांझी, सतीशचंद्र झा, कुमारी कांति, पार्वती, सुमन शर्मा, सीमा, रेणु, किरण, चंद्रावती समेत अन्य ने संबोधित किया. अंत में प्रधान सचिव को संबोधित एक ज्ञापन सिविल सजर्न को सौंपा गया, जिसमें 23 सूत्री मांगें शामिल हैं.
मांगों में सभी संवर्ग के कर्मियों की संवर्ग सेवा नियमावली बना कर एसीपी का लाभ देने, संविदा पर बहाल कर्मियों की सेवा नियमित करने, आशा की बहाली में हुई धांधली को जांच कराने, वेतन में व्याप्त विसंगति दूर करने, आशा-ममता कूरियर की प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान करने, संविदा पर बहाल कर्मियों को सभी तरह का अवकाश देने, आवास की सुविधा देने आदि की मांगें शामिल हैं.
