छपरा(कोर्ट) : छह माह पूर्व एसआइटी के दारोगा मिथलेश कुमार साह व सिपाही फारूक आलम की गोली मारकर हत्या कर देने व उनकी सरकारी हथियार को लूट लेने के मामले में अभियुक्त बनायी गयी सारण की जिप अध्यक्ष की नियमित जमानत को उच्च न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है.
जानकारी के अनुसार जिप अध्यक्ष मीना अरुण के अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार मिश्र के न्यायालय में क्रिमिनल मिसलेनियस को दाखिल किया था . सोमवार को जमानत की बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति श्री मिश्र ने जिप अध्यक्ष की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है .
ज्ञात हो कि 20 अगस्त 2019 की संध्या सशस्त्र अपराधियों ने मढ़ौरा बाजार में एसआइटी टीम के वाहन पर हमला कर उसमें सवार दारोगा मिथिलेश व सिपाही फारूक की हत्या कर दी थी और दारोगा विकास कुमार सिंह व एक सिपाही को जख्मी कर दिया था. अपराधियों ने उनकी एके 47 और पिस्टल को भी लूट लिया था. इस मामले में जख्मी दारोगा विकास कुमार ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या 596/19 में जिप अध्यक्ष व उनके पति अरुण सिंह समेत अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
