30 लाख की लागत से होगा शिल्पी पोखरे का जीर्णोद्धार, हुआ टेंडर

छपरा (सदर) : छपरा शहर के सलेमपुर मुहल्ले से पूरब अवस्थित ऐतिहासिक शिल्पी पोखरा का जीर्णोद्धार 30 लाख रुपये की लागत से किया जायेगा. आस-पास के दर्शन नगर, मौना रोड, लाह बाजार, सलेमपुर आदि मुहल्ले के हजारों परिवारों के लिए स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण विगत दो दशक से कचड़े की ढ़ेर व सड़ांध […]

छपरा (सदर) : छपरा शहर के सलेमपुर मुहल्ले से पूरब अवस्थित ऐतिहासिक शिल्पी पोखरा का जीर्णोद्धार 30 लाख रुपये की लागत से किया जायेगा. आस-पास के दर्शन नगर, मौना रोड, लाह बाजार, सलेमपुर आदि मुहल्ले के हजारों परिवारों के लिए स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण विगत दो दशक से कचड़े की ढ़ेर व सड़ांध से निकलने वाली बदबू से परेशान लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद जगी है.

बुडको की देख-रेख में छपरा नगर निगम के द्वारा इस तालाब को पुराने स्वरूप में लाने के लिए उन पर अतिक्रमण करने वालों को हटाने व दो माह के अंदर तालाब का पुराना स्वरूप देने के लिए बूडकों की देख-रेख में संवेदक द्वारा दो माह में कार्य पूरा किया जाना है. प्रशासन की देख-रेख में सर्वप्रथम जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत इस तालाब का जीर्णोद्धार किया जाना है.
इसे लेकर पूर्व में ही सारण के डीएम और नगर निगम के पदाधिकारियों ने गंदगी के ढेर में तब्दील तालाब के चारों तरफ से अतिक्रमण करने वाले खटाल संचालकों आदि को हटाने का निर्देश सदर सीओ व नगर प्रशासन को दिया है. बूडको के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार उपाध्याय के अनुसार जिला स्कूल के खेल के मैदान में अमरूत योजना के तहत आकर्षक पार्क का निर्माण किया जाना है. ऐसी स्थिति में जिला स्कूल खेल मैदान कि नीची भूमि के सतह को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से तालाब से ली जाने वाली सभी मिट्टी खेल मैदान में डाली जायेगी.
इससे अमरूत योजना के तहत सुसज्जित पार्क का निर्माण हो सके. मालूम हो कि विगत 30 वर्षों से स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण नगर पालिका व आस-पास के लोगों के द्वारा कचरा फेंके जाने के कारण एक जमाने में स्वच्छ जल के तालाब के रूप में आस-पास के लोगों को सुविधा देने वाला यह पोखरा गंदगी का ढेर बनकर रह गया है. अभी तक अतिक्रमण हटाने का काम जिला प्रशासन नहीं कर पाया है.
बोले कार्यपालक अभियंता
शिल्पी पोखरा के जीर्णोद्धार के लिए जिस संवेदक को 29 लाख 41 हजार 180 रुपये का कार्य आवंटित किया गया है. वहीं इ निविदा के आधार पर आवंटित इस कार्य को दो माह के अंदर पूरा कराने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे समय पर काम हो सके. जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत इस कार्य को कराया जा रहा है. जिससे जल श्रोत जहां बेहतर हो सके. वहीं वातावरण भी बेहतर हो सके.
सुनील कुमार उपाध्याय, कार्यपालक अभियंता, बूडको, सारण

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