सीआइडी के डीएसपी ने दी गवाही

छपरा (कोर्ट) : गुजरात के उद्योगपति पुत्र सोहैल हिंगोरा के अपहरण एवं करोड़ो की फिरौती लेकर रिहा किये जाने के मामले में गवाही देने को ले सीआइडी के डीएसपी न्यायालय में उपस्थित हुए. अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस उपाधीक्षक सोनेलाल सोमवार को छपरा न्यायालय पहुंचे, जिन्हें अपर लोक अभियोजक रामनारायण प्रसाद ने मामले के सत्रवाद […]

छपरा (कोर्ट) : गुजरात के उद्योगपति पुत्र सोहैल हिंगोरा के अपहरण एवं करोड़ो की फिरौती लेकर रिहा किये जाने के मामले में गवाही देने को ले सीआइडी के डीएसपी न्यायालय में उपस्थित हुए. अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस उपाधीक्षक सोनेलाल सोमवार को छपरा न्यायालय पहुंचे, जिन्हें अपर लोक अभियोजक रामनारायण प्रसाद ने मामले के सत्रवाद संख्या 103/18 में गवाही देने के लिए एडीजे प्रथम उदय कुमार उपाध्याय के कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए उनका मुख्य परीक्षण किया.

डीएसपी सोनेलाल, जो अपहरण मामले में दर्ज नयागांव थाना कांड संख्या 111/13, जिसका अनुसंधान सीआइडी कर रही थी की टीम के सदस्य थे और उन्होंने मामले में अनुसंधान के साथ ही घटना में संलिप्त कई अपराधियों को गिरफ्तार भी किया था.
साथ ही उन्होंने अपहरण के मास्टरमाइंड चंदन सोनार व उसके सहयोगी अनिल कुमार सिंह व डिंपू सिंह के रांची स्थित घर पर जाकर जांच-पड़ताल भी की थी. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने डीएसपी का प्रति परीक्षण शुरू किया, परंतु समयाभाव के कारण प्रति परीक्षण पूर्ण नहीं हो सका. न्यायाधीश ने प्रतिपरीक्षण के लिए 23 सितंबर की तिथि मुकर्रर की है.
ज्ञात हो कि अपराधियों ने सुहैल हिंगोरा का अपहरण गुजरात के नानी दमन स्थित उसकी कपड़ा फैक्टरी के बाहर से अपहरण कर उसे सारण के नयागांव थाना क्षेत्र के चतुरपुर गांव में रंजीत सिंह के घर में लाकर रखा था. इस मामले में नयागांव थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष लालबहादुर ने रंजीत सिंह, उसके पिता एवं तीन भाइयों के अलावा अन्य को अभियुक्त बनाते हुए थाना कांड संख्या 111/13 में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
राइफल के बरामदगी मामले में जमानत नामंजूर
छपरा (कोर्ट) . जिला पर्षद अध्यक्ष के पति और उनके भाई की लाइसेंसी राइफल को रखने के मामले में बनाये गये व्यवहार न्यायालय के एडीजे दशम नलिन कुमार पांडेय के न्यायालय में दाखिल रसूलपुर थाना क्षेत्र के जगनपुरा निवासी व जिला पार्षद वर्षा सिंह के पति प्रकाश सिंह की अग्रिम जमानत याचिका संख्या 2739/19 में सुनवाई की गयी. जमानत के बिंदु पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत देने को ले अपना पक्ष रखा, तो अभियोजन की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया.
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने याचिका को खारिज करने का आदेश दिया है. विदित हो कि नगर थानाध्यक्ष ने 26 अगस्त को थाना कांड संख्या 481/19 में एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें प्रकाश सिंह के अलावा दहियावां टोला उतरी निवासी प्रभात कुमार सिंह तथा जिप अध्यक्ष के पति अरुण सिंह व उनके भाई अर्जुन सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया था.
आरोप में कहा था कि गिरफ्तारी के बाद मीना अरुण ने पुलिस को बताया कि उनके पति व उनके भाई की लाइसेंसी राइफल प्रकाश सिंह के पास है. सूचना पर पुलिस ने दहियावां टोला उत्तरी स्थित प्रभात सिंह के घर, जहां प्रकाश सिंह किरायेदार हैं, के कमरे की तलाशी ली तो वहां से दो राइफल की बरामदगी हुई. इसमें एक का लाइसेंस अरुण सिंह के नाम से तो दूसरा अर्जुन सिंह के नाम से था. न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

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