छपरा(कोर्ट) : बगीचे में आम चुनने को लेकर दो पट्टीदारों के बीच हुई हिंसक झड़प, जिसमें एक की मौत और सात घायल हो गये थे, के मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों के 11 आरोपितों को कारावास व जुर्माने की सजा सुनायी है. मामला एकमा थाना क्षेत्र के गजियापुर गांव का है, जहां के निवासी दो पट्टीदारों को कोर्ट ने सजा सुनायी है.
युवक के हत्या मामले में छह को आजीवन कारावास
छपरा(कोर्ट) : बगीचे में आम चुनने को लेकर दो पट्टीदारों के बीच हुई हिंसक झड़प, जिसमें एक की मौत और सात घायल हो गये थे, के मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों के 11 आरोपितों को कारावास व जुर्माने की सजा सुनायी है. मामला एकमा थाना क्षेत्र के गजियापुर गांव का है, जहां के निवासी […]

सोमवार को त्वरित न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश श्याम किशोर साह ने एकमा थाना कांड संख्या 40/06 के सत्रवाद 710/06 और 41/06 के सत्रवाद 515/07 में सजा के बिंदु पर सुनवाई की. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपितों को कम से कम सजा देने को लेकर बहस की, तो वहीं अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रमोद भरतिया ने आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने का कोर्ट से आग्रह किया.
दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत न्यायाधीश ने सत्रवाद 710/07 के आरोपितों गजियापुर निवासी राम बड़ाई प्रसाद व उनके चार पुत्रों पशुपति प्रसाद, भगवान प्रसाद, रवींद्र प्रसाद और अंबिका प्रसाद तथा अन्य श्रीराम प्रसाद सभी छह को भादवि की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास व 5 हजार अर्थदंड तथा धारा 307 के तहत भी सभी को पांच वर्ष व पांच हजार जुर्माने की सजा सुनायी है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. ज्ञात हो कि गजियापुर निवासी रामनरेश प्रसाद ने उपरोक्त आरोपितों के विरुद्ध 29 मई, 2006 को थाने में मामला दर्ज कराया था.
इसमें आरोप लगाया था कि उसका पुत्र अर्जुन प्रसाद आम चुनने बगीचा में गया था कि सभी ने मिलकर उसको जख्मी कर दिया. बचाने के लिए वे तथा रामानंद प्रसाद गये, तो उन्हें भी जख्मी कर दिया गया. तीनों घायलों को इलाज के लिए पीएमसीएच भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनके पुत्र अर्जुन की मौत हो गयी.
वहीं, दूसरे मामले के सत्रवाद 515/07 के आरोपितों में रामानंदन प्रसाद के तीन पुत्रों प्रेमशंकर प्रसाद, निर्मल प्रसाद, कृष्णा प्रसाद तथा रामनरेश प्रसाद और उसके पुत्र कौशल प्रसाद सभी पांच को भादवि की धारा 307/149 के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनायी है.
ज्ञात हो कि आम के बगीचे में दो पट्टीदारों के बच्चों के बीच आंधी में गिरे आम को चुनने को लेकर मारपीट हुई, जिसने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों से आधा दर्जन से ज्यादा सदस्य घायल हुए. वहीं, एक युवक की मौत हो गयी थी. दूसरे पक्ष से श्रीराम प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें कहा था कि उसका पुत्र आम चुनने गया, तो उपरोक्त पांचों के अलावा अन्य मारपीट कर रहे थे. बचाने गया तो सभी ने उनलोगों को भी जख्मी कर दिया. उसने उपरोक्त सभी को अभियुक्त बनाया था.