पटना नगर निगम की तरह दैनिक सफाईकर्मियों का मानदेय बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव पारित

छपरा : छपरा नगर निगम के दैनिक सफाई कर्मियों को भी जल्द पटना नगर निगम की तर्ज पर मानदेय मिलेगा. मंगलवार को निगम परिसर में आयोजित हुई बोर्ड की बैठक में इसके लिए प्रस्ताव पारित कर दिया गया. अब विभाग को दैनिक सफाई कर्मियों के वेतन को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा. विभागीय स्वीकृति […]

छपरा : छपरा नगर निगम के दैनिक सफाई कर्मियों को भी जल्द पटना नगर निगम की तर्ज पर मानदेय मिलेगा. मंगलवार को निगम परिसर में आयोजित हुई बोर्ड की बैठक में इसके लिए प्रस्ताव पारित कर दिया गया. अब विभाग को दैनिक सफाई कर्मियों के वेतन को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा.

विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद छपरा नगर निगम के दैनिक सफाई कर्मियों को भी पटना नगर निगम के तर्ज पर मानदेय दिया जायेगा. फिलहाल नगर निगम सफाई कर्मियों को 248 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है. मंगलवार को छपरा नगर निगम सभागार में बोर्ड की बैठक का आयोजन किया गया था.

इसमें नगर निगम के पदाधिकारियों व सभी वार्ड पार्षदों के साथ नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति के सदस्य भी मौजूद थे. वहीं छपरा नगर निगम क्षेत्र में एलइडी लाइट लगा रही कंपनी इइएसएल के कार्यों का भुगतान पर भी रोक लगा दी गयी है. इसको लेकर बोर्ड ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि जब तक छपरा के सभी 45 वार्डों में एलइडी लाइटों को नहीं लगा दिया जायेगा तब तक नगर निगम इस कंपनी को किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं करेगा. इसके बाद सभी पार्षदों ने इसके लिए हामी भरी और यह प्रस्ताव बोर्ड में पारित हो गया. दरअसल इइएसएल कंपनी द्वारा छपरा नगर निगम क्षेत्र में काफी महीनों से एलइडी लाइट लगाने का कार्य किया जा रहा है. कार्य की रफ्तार धीमी होने के कारण लोग काफी असंतुष्ट हैं.

विभिन्न कार्यों के लिए रखे गये प्रस्ताव
इसके अलावा बैठक के दौरान शहर में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए प्रस्ताव रखा गया साथ ही विकास कार्यों पर चर्चा की गयी. कुछ प्रस्ताव को बोर्ड ने पास किया तो कुछ को खारिज कर दिया गया. बैठक के दौरान जमादार, पंप ऑपरेटर, ड्राइवर, सफाई कर्मी आदि की बहाली पर भी विचार किया गया.
इनकी बहाली के लिए बोर्ड ने एकमत में प्रस्ताव पारित कर दिया गया. साथ ही साथ मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत चल रहे योजना कार्यों की समीक्षा की गयी एवं मुख्यमंत्री नली-गली योजना से वार्ड में वंचित नली गलियों को प्राथमिकता सूची में दर्ज कराने पर विचार किया गया. बोर्ड की बैठक में कई पार्षदों ने विभिन्न प्रस्तावों को खारिज कर दिया. होल्डिंग टैक्स निर्धारण में नगर निगम के 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को बोर्ड ने खारिज कर दिया.
नगर निगम के अनुसार शहर में होल्डिंग टैक्स को 25प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव था. लेकिन वार्ड पार्षदों ने कहा कि 25 प्रतिशत टैक्स बढ़ोतरी सिर्फ होटल, नर्सिंग होम, व्यावसायिक संस्थानों के लिए लागू आम लोगों के लिए न बढ़े. इसके 14वीं वित्त योजना की राशि को सभी वार्डों के विकास कार्यों को बराबर बराबर वितरण करने की बात कही गयी. यह राशि लगभग चार करोड़ है. शहर में खराब पड़े चापाकलों को लेकर भी पार्षदों ने नगर निगम पदाधिकारियों को खूब सुनाया. इसमें वार्ड 33 के पार्षद कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड में दो साल से कई चापाकल खराब हैं. बार-बार आवेदन देने के बाद भी आज तक कभी चापाकल को ठीक नहीं कराया गया. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि पीडब्ल्यूडी को खराब चापाकल की लिस्ट भेज दी गयी है.
उनके अधिकारियों से बातचीत कर इसका समाधान निकाला जायेगा. वार्ड 20 के पार्षद योगेंद्र यादव ने कहा कि उनके वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी है. साथ ही कई चापाकल भी खराब हैं जिसकी अभी तक मरम्मत नहीं करायी गयी है. इस दौरान वार्ड पार्षद रमाकांत सिंह, विजय कुमार, शंभु बैठा, योगेंद्र भगत, मुन्ना अंसारी, अनिल बैठा ने बोर्ड के समक्ष अपने-अपने सवाल रखे. बैठक में नगर निगम की मेयर प्रिया सिंह, डिप्टी मेयर अमितांजलि सोनी, नगर आयुक्त अजय सिन्हा, उपनगर आयुक्त ज्योति श्रीवास्तव, उदय प्रताप सिंह समेत वार्ड पार्षद मौजूद थे.

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