सोनपुर में नमामि गंगे के तहत होगी जलनिकासी की व्यवस्था
30 करोड़ 93 लाख की मिली स्वीकृति
छपरा : विश्व प्रसिद्ध सोनपुर को अब जलजमाव से अब पूरी तरह मुक्ति मिलेगी. इसके लिए स्थानीय सांसद सह संसदीय जल संसाधन स्थायी समिति के अध्यक्ष राजीव प्रताप रूडी के प्रयास से अब यहां कारगर जलनिकासी की व्यवस्था होने वाली है. उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में चल रही नमामि गंगे परियोजना के तहत सोनपुर में 30 करोड़ 93 लाख की लागत से नयी ड्रेनेज व्यवस्था की जायेगी. इसकी स्वीकृति मिल गयी है. अब इसका कार्यारंभ भी शीघ्र ही होगा. योजना के तहत रेलवे कॉलोनी, पहाड़ीचक, जल बिहार कॉलोनी, आॅफिसर्स कॉलोनी, लकड़ी बाजार क्षेत्र, मीना बाजार का एरिया, हरिहरनाथ मंदिर, दुधैला बाजार, बाबानाथ मंदिर, सिद्धनाथ चौक, डीआरएम कार्यालय आदि स्थानों पर इंटरसेप्ट नाले का निर्माण कराया जाना है.
इसके पश्चात एक मुख्य नाला का निर्माण कर इन सभी नालियों को उससे जोड़ा जायेगा. दरअसल सांसद रूडी पिछले डेढ़ वर्ष से इस परियोजना के लिए प्रयासरत थे. इसके लिए उन्होंने समय-समय पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और उन्हें यह समझाया कि सोनपुर के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है. रूडी ने बताया कि अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने सोनपुर के शहरी क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति देखी. सोनपुर नगर पंचायत क्षेत्र के लोग भी निरंतर इस विषय को उनके संज्ञान में लाते रहे. उन्होंने कहा कि इस परियोजना को सोनपुर में लागू करने के पीछे एक प्रमुख कारण यह भी है
कि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले का आयोजन होता है. उन्होंने बताया कि यहां प्राचीन ग्रंथों में वर्णित गज-ग्राह युद्ध भूमि पर निर्मित प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मंदिर में पूरे विश्व के लोग आते हैं. इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के पश्चात देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी. उन्हें जलजमाव की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी. रूडी संसदीय जल संसाधन स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं. इसके अंतर्गत यह योजना भी आती है. सांसद रूडी गुरुवार को एनबीसीसी, बुडको के अधिकारियों समेत निर्माण स्थल का निरीक्षण भी करेंगे.
