World Lion Day: मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित श्री शंकर इंटर विद्यालय में सोमवार को विश्व शेर दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक जगरनाथ यादव ने की, जबकि संचालन शिक्षक रितेश कुमार ने किया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को शेरों के महत्व और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
जैव विविधता और प्रकृति के संतुलन के लिए जरूरी है शेरों का संरक्षण
कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट असिस्टेंट कुणाल कुमार सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए:
- संरक्षण का महत्व: उन्होंने कहा कि शक्ति, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक शेर का संरक्षण केवल एक वन्य जीव प्रजाति की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समृद्ध जैव विविधता और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक समग्र दृष्टि है.
- देश में शेरों की बढ़ती संख्या: उन्होंने बताया कि सरकार के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत में शेरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आज देश में एशियाई शेरों की संख्या 891 तक पहुंच गई है.
छात्रों को नोट कराए गए रोचक तथ्य
कुणाल कुमार सिंह ने बच्चों को शेर से जुड़े कई रोचक तथ्य पॉइंट के रूप में नोट कराए. उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारियां बच्चों के ज्ञानवर्धक विकास और वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने में बेहद मददगार साबित होंगी. कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने वन्य जीवों से संबंधित कई सवाल भी पूछे. मौके पर शिक्षक सीताराम दास, विनीता रानी, मनीष कुमार, सौरभ कुमार, नंदनी कुमारी, केशव कुमार, सोनी कुमारी समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
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