Samastipur News: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट और अलाइनमेंट के विरोध में बुधवार को 'पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे रूट सुधार जन संघर्ष समिति' के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने सरायरंजन प्रखंड कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और बीडीओ तथा सीओ के माध्यम से जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपा.
मौजूदा अलाइनमेंट पर जताई आपत्ति
संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे का किलोमीटर 48+000 से 53+000 तक का प्रस्तावित रूट त्रुटिपूर्ण है. उनका आरोप है कि यदि इसी अलाइनमेंट पर निर्माण हुआ तो क्षेत्र का केएसआर कॉलेज प्रभावित होगा और घनी आबादी वाले इलाके में सैकड़ों परिवारों के मकान तथा दुकानों पर संकट आ जाएगा.
ग्रामीणों ने मांग की कि सरायरंजन क्षेत्र में आबादी और शैक्षणिक संस्थानों को बचाते हुए वास्तविक ग्रीनफील्ड एवं खाली कृषि योग्य भूमि से होकर नया रूट तय किया जाए.
11 अगस्त से उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के नेताओं ने सरकार और एनएचएआई को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 11 अगस्त 2026 से चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन चक्का जाम और प्रतिदिन व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने मांग पत्र में कहा कि:
- सरायरंजन सेगमेंट में घनी आबादी और रिहायशी क्षेत्रों को छोड़कर ग्रीनफील्ड रूट अपनाया जाए।
- केएसआर कॉलेज को सुरक्षित रखा जाए।
- मकानों और दुकानों को अधिग्रहण के दायरे से बाहर रखा जाए।
- भूमि अधिग्रहण या निर्माण प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रभावित परिवारों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता कर उनके सुझावों को शामिल किया जाए।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
प्रदर्शन में सुरेश महतो, अवधेश झा, सुशील यादव, किशोरी साह, पप्पू साह, विजय सहनी, शिवकुमार झा, बलवंत सिंह राठौर, संजीव इंकलाबी, अमरनाथ झा, अविनाश साह, विजय झा, केशव कुमार, दिनेश झा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रभावित परिवार शामिल हुए.
यह भी पढ़ें: मशरूम उत्पादन बना दाल का बेहतर विकल्प, पूसा विवि में 15 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
