Samastipur Sadar Hospital OPD: जिला मुख्यालय स्थित समस्तीपुर सदर अस्पताल में सोमवार, 1 जून 2026 के लिए आउटडोर (OPD) सेवाओं का विस्तृत ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों की सुविधा और त्वरित इलाज के लिए विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है. सोमवार को बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों को देखते हुए सभी मुख्य विभागों में डॉक्टरों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है.
सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए पूरा शेड्यूल नीचे दिया गया है ताकि उन्हें सही डॉक्टर की जानकारी मिल सके.
समस्तीपुर सदर अस्पताल: ओपीडी ड्यूटी रोस्टर सारणी (OPD Duty Roster Table)
सोमवार को ओपीडी के विभिन्न विभागों में तैनात रहने वाले डॉक्टरों की सूची इस प्रकार है:
| विभाग का नाम (Department) | तैनात विशेषज्ञ डॉक्टर (Assigned Specialist Doctors) |
|---|---|
| मेडिसिन (General Medicine) | डॉ. नवनीता एवं डॉ. राजेश कुमार |
| पीडियाट्रिक्स (बाल रोग विभाग) | डॉ. नागमणि राज एवं डॉ. आशा कुमारी |
| सर्जरी (General Surgery) | डॉ. मनीष साह |
| आंख (Ophthalmology/Eye) | डॉ. फरमूद आलम |
| ईएनटी (नाक, कान व गला रोग) | डॉ. सैयद मेराज |
| डेंटल (दंत रोग विभाग) | डॉ. अब्बू जफर अंसारी |
| स्किन (त्वचा व गुप्त रोग) | डॉ. रश्मि रानी |
| टीबी एंड चेस्ट (Chest & TB) | डॉ. सीमा |
| एनेस्थेसिया (Anesthesia) | डॉ. आर.पी. मंडल |
विभागवार डॉक्टरों की तैनाती और मुख्य बातें
सोमवार को सदर अस्पताल में मरीजों की अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों में दो-दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है:
- मेडिसिन और बाल रोग में विशेष व्यवस्था: मौसमी बीमारियों और आम मरीजों की भारी संख्या को देखते हुए जनरल मेडिसिन विभाग में डॉ. नवनीता और डॉ. राजेश कुमार संयुक्त रूप से मोर्चा संभालेंगे. वहीं बच्चों के बेहतर इलाज के लिए बाल रोग (पीडिया) विभाग में भी डॉ. नागमणि राज और डॉ. आशा कुमारी को तैनात किया गया है.
- विशिष्ट ओपीडी सेवाएं: त्वचा संबंधी रोगों के लिए डॉ. रश्मि रानी और छाती व टीबी से जुड़ी समस्याओं के लिए डॉ. सीमा ओपीडी में परामर्श देंगी. इसके अलावा आंख के मरीजों के लिए डॉ. फरमूद आलम और ईएनटी विभाग में डॉ. सैयद मेराज उपलब्ध रहेंगे.
मरीजों के लिए आवश्यक निर्देश: समस्तीपुर सदर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं सुबह निर्धारित समय से शुरू हो जाएंगी. दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अस्पताल पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन (पर्चा) कटा लें, ताकि उन्हें लाइन में ज्यादा देर न लगना पड़े और समय पर उचित डॉक्टरी परामर्श मिल सके.
