Samastipur News: स्थानीय गायत्री शक्ति पीठ रोसड़ा में बुधवार को गायत्री जयंती एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा व भक्ति के साथ किया गया. इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विभिन्न अनुष्ठानों में अपनी सहभागिता दर्ज की. पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया.
दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन
दो दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत मंगलवार की संध्या में दीपयज्ञ के साथ हुई, जिसका सफल संचालन परिव्राजक विश्वनाथ दास ने किया. वहीं, बुधवार को प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक सभी श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का भावपूर्ण जप किया गया. इसके उपरांत वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भव्य हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया.
गंगा दशहरा पर हुआ था मां गायत्री का अवतरण
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने इसके धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर ही मां गायत्री का धरा पर अवतरण हुआ था और इसी पवित्र दिन वेद ज्ञान का प्रकाश मानव समाज तक पहुंचा था. उन्होंने कहा कि युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने गायत्री मंत्र को पूर्व के सीमित दायरे से बाहर निकाला और सामूहिक उपासना पद्धति के माध्यम से इसे जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया, जिससे आज पूरे विश्व में आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है.
युगऋषि के योगदान को किया याद
इस विशेष अवसर पर गायत्री परिवार के सदस्यों ने वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के आदर्शों, उनके सामाजिक व आध्यात्मिक योगदान को भी पूरी श्रद्धा के साथ स्मरण किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया. इस दो दिवसीय कार्यक्रम में गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी अरविंद प्रसाद, मामराज अग्रवाल, आनंद बजाज, मीरा पौद्दार, दीपक ठाकुर, ललिता देवी आदि समेत भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और गायत्री परिवार से जुड़े लोग उपस्थित थे.
