Rosera Deaddiction Campaign: सरस्वती शिशु मंदिर, रोसड़ा में सोमवार को नशा मुक्ति जागरूकता एवं राष्ट्रीय प्रतिज्ञा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित 10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान के तहत आयोजित हुआ. कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व रोसड़ा ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की राजयोगिनी बीके कुंदन बहन ने किया. इसमें विद्यालय के करीब 1500 छात्र-छात्राओं, 55 शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वस्थ और मूल्य आधारित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया:
- दुष्प्रभावों पर चर्चा: नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया.
- सामूहिक जिम्मेदारी: वक्ताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है.
- सकारात्मक सोच: विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कार अपनाने का संदेश दिया गया.
1500 छात्रों व शिक्षकों ने ली नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा ली. सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने का संकल्प दोहराया. कार्यक्रम में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश प्रसाद, डॉ. मधुकर और विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विनोद देव उपस्थित रहे. सफल आयोजन के लिए विद्यालय को सहभागिता एवं समापन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया.
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