Pusa University Meeting: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के संचार केंद्र स्थित पंचतंत्र सभागार में दो दिवसीय 10वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक शुरू हुई. इसका मुख्य उद्देश्य पिछले वर्षों की प्रगति की समीक्षा कर विश्वविद्यालय के 16 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के लिए भविष्योन्मुखी कार्ययोजना तैयार करना है. निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रत्नेश कुमार झा ने अतिथियों का स्वागत किया.
लैब से खेत और आजीविका पर तुरंत काम करने की जरूरत
अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेंदु पाण्डेय ने वैज्ञानिकों से केवल उत्पादन से आगे बढ़कर सोचने का आह्वान किया:
- उद्यमिता व विपणन: वैज्ञानिकों को किसानों को विपणन, निर्यात प्रोटोकॉल, गुणवत्ता मानक और आधुनिक पैकेजिंग की जानकारी देनी होगी.
- कार्बन फार्मिंग: किसानों को कार्बन फार्मिंग के नए अवसरों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया.
- परिणाम आधारित रिपोर्ट: केवल प्रशिक्षणों की संख्या और किसानों के आंकड़े देने के बजाय समाज में आए वास्तविक बदलावों की रिपोर्ट मांगी गई.
महिलाओं की भूमिका और विशिष्ट कृषि मॉडल पर बल
समारोह में विशेष अतिथि डॉ. रणधीर सिंह ने आरपीसीएयू के प्रसार नेटवर्क की सराहना की. डॉ. एसके शर्मा ने स्थान-विशिष्ट कृषि मॉडल पर बल दिया. पद्मश्री राज कुमारी देवी (किसान चाची) ने कहा कि प्रसंस्करण और प्राकृतिक खेती अपनाकर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं. कार्यक्रम में कई वरिष्ठ प्राध्यापक और अधिकारी मौजूद थे. डॉ. सुधानंद लाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया.
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