Samastipur News:बहुआयामी दृष्टिकोण की जरूरत : प्रमुख

जलवायु परिवर्तन के कारण देश में दीर्घकालीन कृषि व खाद्य व्यवस्था के लिए एकीकृत व बहुआयामी दृष्टिकोण की जरूरत है.

Samastipur News:हसनपुर : जलवायु परिवर्तन के कारण देश में दीर्घकालीन कृषि व खाद्य व्यवस्था के लिए एकीकृत व बहुआयामी दृष्टिकोण की जरूरत है. वर्तमान प्रदेश में जलवायु अनुकूल खेती किसानों के लिए लाभकारी है. उक्त बातें किसान भवन में आयोजित मंगलवार को खरीफ महाअभियान के तहत प्रखंड स्तरीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण में प्रमुख अंजू देवी ने कही. कर्मशाला में मौजूद लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उन्होंने उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के तालमेल और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार विभिन्न कार्यक्रमों और क्षेत्रीय योजनाओं का अभिसरण कर रही है. मौसम चक्र में हो रहे असमय बदलाव के कारण किसानों को जलवायु अनुकूल खेती करने के लिए सरकारी स्तर पर प्रेषित किया जा रहा है. भूगर्भ जल रिचार्ज की तकनीक जल संरक्षण में विभिन्न तरह की वैज्ञानिक तकनीक का अनुसरण, फर्टिलाइजर और सिंचाई के समय में बदलाव, कम पानी में उगने वाली फसलों की खेती, रोपण की अवधि में बदला, सिंचाई के साधन व जीरो टिलेज जैसे उपायों की प्रतिकूल स्थिति में संतोषजनक पैदावार प्राप्त करने में मदद मिलेगी. इस दौरान विशेष फसल सूखाग्रस्त क्षेत्र के लिए वैज्ञानिक खेती, पशुपालन, मत्स्यपालन, अंतरवर्ती खेती पर भी चर्चा की गई. अधिकारियों ने खरीफ फसल की खेती के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता की भी जानकारी देते हुए किसानों को लाभ उठाने के लिए कहा गया. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि खरीफ फसल में कीट नियंत्रण बेहतर फसल उत्पादन प्राप्त करने के तौर तरीकों की जानकारी दी. मौके पर प्रमुख अंजू देवी, बीडीओ मनोज कुमार, रामचंद्र पासवान, राजीव कुमार सिंह पिंकू, विदुरजी झा, अवधशरण यादव आदि मौजूद थे.

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