Mushroom Production Training: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र जाले, दरभंगा में मशरूम उत्पादन विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रमाण पत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. समापन सत्र की अध्यक्षता केवीके प्रमुख डॉ. दिव्यांशु शेखर ने की. इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया, जहां उन्हें मशरूम खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई.
Farmer Income: मशरूम खेती अतिरिक्त आमदनी का मजबूत जरिया
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केवीके प्रमुख डॉ. दिव्यांशु शेखर ने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक बेहद बेहतर साधन है. उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैज्ञानिक तरीकों से मशरूम की खेती अपनाने पर जोर दिया ताकि उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.
Darbhanga News: मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक और प्रायोगिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण का संचालन डॉ. अभिषेक राणा, विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध संरक्षण) द्वारा किया गया. इस दौरान ऑयस्टर एवं दुधिया मशरूम का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. डॉ. अभिषेक राणा ने गेहूं के भूसे को भिगोने, पाश्चुरीकरण करने, रासायनिक उपचार विधि तथा पॉलीबैग में स्पॉन भरने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया. उन्होंने बताया कि बैग में 65 से 70 प्रतिशत नमी बनाए रखना जरूरी है और लगभग 15 से 20 दिनों में भूसा सफेद मायसीलियम से भर जाता है.
मशरूम स्पॉन उत्पादन, भंडारण, विपणन और उद्यान विभाग की भूमिका पर विशेष चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान मशरूम से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से चर्चा की गई. इसमें मशरूम स्पॉन उत्पादन, बटन मशरूम उत्पादन, फसल प्रबंधन, भंडारण, विपणन एवं बाजार तथा मशरूम व्यवसाय में उद्यान विभाग की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की परीक्षा ली गई और उन्हें प्रमाण पत्र बांटे गए. इस दौरान ई. निधि कुमारी, डॉ. चंदन कुमार, संजीव कुमार और सौरभ राज उपस्थित रहे.
