Samastipur Sand Mining: अवैध मिट्टी खनन ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं. समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित खेसराहा गांव में पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे में डूबने से 11 वर्षीय मासूम शिवम कुमार की दर्दनाक मौत हो गयी. मृतक अशोक शर्मा का पुत्र था. वर्षों से जारी अवैध खनन के कारण जमीन गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुकी थी, जो बारिश के बाद जानलेवा स्विमिंग पूल बन गई.
हाट बाजार जाने के दौरान हुआ हादसा
रविवार को शिवम घर के पास लगे हाट बाजार जाने के लिए निकला था. देर शाम तक वापस न लौटने पर परिजनों ने रातभर खोजबीन की. सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में उपलाते शव को देखकर बाहर निकाला. डॉक्टरों ने कई घंटे पहले ही मौत की पुष्टि की.
13 भूमिहीनों को मिला वासगीत पर्चा, फिर भी खोद डाली जमीन
जिस जमीन पर यह हादसा हुआ, उसे लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- वर्ष 2016 में बिहार सरकार ने 13 भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए वासगीत पर्चा दिया था.
- पर्चा मिलने के बावजूद भू-माफियाओं द्वारा मिट्टी का अवैध खनन जारी रहा.
- पर्चाधारियों द्वारा बार-बार विरोध और शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
- खनन के कारण बनी गहरी खाई में बारिश का पानी भर गया और मासूम की जान चली गई.
कागजों पर वासगीत, जमीन पर खनन माफिया का कब्जा
ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते अगर खनन रोका जाता और गड्ढों को भरवाया गया होता, तो मासूम की जान बच सकती थी. आक्रोशित ग्रामीणों ने अवैध मिट्टी खनन की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और जानलेवा गड्ढों को तुरंत भरवाने की मांग की है.
यह भी पढ़ें: जंक्शन पर हाइटेक सफाई: हाई प्रेशर जेट मशीनों से चकाचक होंगे ट्रैक, मिनटों में हटेगी गंदगी
