Samastipur : इंस्पायर-मानक योजना में इस बार 11वीं व 12वीं के छात्र भी शामिल

इंस्पायर-मानक योजना के अंतर्गत 2025-26 सत्र के लिए ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो रही है.

समस्तीपुर . विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की इंस्पायर-मानक योजना के अंतर्गत 2025-26 सत्र के लिए ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो रही है. इस बार योजना में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को भी शामिल कर दिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अब कक्षा 6 से 12 तक के छात्र इस योजना के तहत अपने नवाचार विचार भेज सकेंगे. डीईओ ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है. योजना के अंतर्गत देशभर के पांच लाख से अधिक स्कूलों से एक मिलियन मौलिक विचार प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. इन विचारों में से सर्वश्रेष्ठ को चयनित कर उन्हें प्रोटोटाइप और उत्पाद विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. डीईओ ने बताया कि इंस्पायर-मानक योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत स्कूल एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम पांच सर्वश्रेष्ठ विचारों को ऑनलाइन नामित कर सकता है. नामांकन पोर्टल के माध्यम से 15 जून से 15 सितंबर तक किए जा सकेंगे. उन्होंने बताया कि जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी स्कूलों को इस योजना की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें. साथ ही, जो स्कूल अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन्हें भी प्रेरित किया जाए कि वे जल्द से जल्द योजना में शामिल हों. प्रतियोगिता में चयनित छात्रों को अपने बेस्ट आइडिया को प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जायेगी. डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय ने बताया कि इस बार कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है. योजना के अंतर्गत पंजीकृत स्कूल पांच सर्वश्रेष्ठ विचारों को ई-एमआईएएस वेब पोर्टल पर नामांकित कर सकते हैं. कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के बीच योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जायेगा. स्कूल परिसर में एक आईडिया बॉक्स की स्थापना की जायेगी, जहां छात्र-छात्राएं अपने नवीन तकनीकी विचारों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर सकेंगे. स्कूल स्तर पर विचार प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा. पांच तकनीकी नवाचारों का चयन कर उनकी एंट्री कराई जायेगी. नेशनल अवार्ड को चुने जाते हैं 60 छात्र इंस्पायर अवार्ड योजना में पंजीकरण कराने वाले छात्रों के नवाचारों का नेशनल ज्यूरी परीक्षण करती है. चयनित छात्रों को अपने प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए 10-10 हज़ार रुपये दिए जाते हैं. यह छात्र जिला स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल होते हैं. जिला स्तरीय प्रदर्शनी के आधार पर पूरे देश से दस हज़ार छात्र स्टेट के लिए चुने जाते हैं. फिर नेशनल के लिए सिर्फ 1000 छात्रों का चयन होगा. उन्हें आईआईटी के मेंटर प्रदान किए जायेंगे. इनमें से भी नेशनल अवॉर्ड विनर के रूप में केवल 60 छात्र चयनित होंगे. उनकी प्रदर्शनी देश के बड़े-बड़े उद्यमियों को आमंत्रित कर लगाई जायेगी. अपने मॉडल के आधार पर इन छात्रों को रॉयल्टी मिलती है. साथ ही छात्रों को जापान टूर करने का भी मौका मिलता है.

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