Samastipur News:संभावित बाढ़ की तैयारी को लेकर गाइडलाइन जारी

जिले के कई क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हैं. बागमती नदी के पानी से बागमती नदी के तटबंध किनारे बसे कई पंचायत हर साल बाढ़ प्रभावित होते हैं

Samastipur News:समस्तीपुर : जिले के कई क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हैं. बागमती नदी के पानी से बागमती नदी के तटबंध किनारे बसे कई पंचायत हर साल बाढ़ प्रभावित होते हैं, वहीं गंगा नदी से मोहनपुर व मोहिउद्दीननगर के कई क्षेत्र प्रभावित होते हैं. बिथान, सिंघिया सहित कई क्षेत्रों में बाढ़ से परेशानी होती है. संभावित बाढ़ को देखते हुये आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा जिलाधिकारी गाइडलाइन्स भेजा गया है. मानसून पूर्व तटबंधों की मरम्मति का निर्देश दिया गया है. कहा गया कि जिले में पड़ने वाले तटबंधों का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों पर तटबंधों के सृदृढ़ीकरण की कार्रवाई करने को कहा गया गया है. जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों से तटबंधों की स्थिति में संबंध में प्रतिवेदन प्राप्त करने को कहा गया है.जल संसाधन विभाग को चिंहित स्थलों पर खाली बोरे, लोहे के जाल एवं बालू की व्यवस्था रखने को कहा गया है.नदियों में उफान आने की स्थिति में तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग करानी है. मानसून आने के साथ ही नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखनी है.जिले से गुजरने वाली प्रमुख नदियों में गंगा, बूढ़ी गंडक, बागमती आदि शामिल है. बाढ़ के दौरान आबादी निष्क्रमण, राहत एवं बचाव कार्यों के लिये तथा आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से देसी नावों की पर्याप्त आवश्यकता होती है. इसे देखते हुये उपलब्ध सभी देसी नावों की गहनी व मरम्मति का कार्य कराने को कहा गया है. नाव मालिकों से एकरारनामा की कार्रवाई समय से करने को कहा गया है.

– मानसून पूर्व तटबंधों की मरम्मति का निर्देश

निजी नावों भाड़े व नाविकों के बकाये मजदूरी का भुगतान लंबित होने की दिशा में तुरंत करने को कहा गया है. बाजार में चना, सत्तु, गुड़, चूड़ा, नमक आदि खाद्य पदार्थों की उपलब्धतता का जायजा लेने को कहा गया है. पॉलीथिन शीट्स का आकलन कर पॉलीथिन शीट्स का क्रय एवं भंडारण करने करने का निर्देश दिया गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शरण स्थली के ऊंचे स्थानों पर स्थित स्कूल, भवन, पंचायत भवन व अन्य ऊंची भूमि को चिंहित करने तथा जरूरत होने पर उसका उपयोग करने को कहा गया है. शरण स्थली की पहचान कर उनके प्रबंधन की विशेष योजना बनाने को कहा गया है. आश्रय स्थल पर स्वच्छ पेयजल, पुरुषों एवं महिलाओं के लिये पर्याप्त संख्या में अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था, मेडिकल, कैंप, प्रकाश एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है. सामुदायिक रसोई का संचालन करने के लिये शरण स्थलों को पूर्व से चिंहित कर लेना है.बाढृ प्रभावित क्षेत्रों के सड़कों की मरम्मत कराने को कहा गया है.

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Author: PREM KUMAR

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