Ganga river flood: गंगा एवं वाया नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही भारी वृद्धि से नए रिहायशी इलाकों में पानी तेजी से पसरने लगा है. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 45.50 मीटर से लगभग दो मीटर ऊपर यानी 47.45 मीटर पर पहुंच गया है. नदियों के इस रौद्र रूप से दियारांचल के दर्जनों गांवों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो चुकी है और करीब तीन दर्जन गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है.
Bihar Flood News: दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क टूटा, नावों के सहारे आवागमन
नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बोचहा, दुबहा, हरैल, तेतारपुर, राजपुर जौनापुर और बिनगामा समेत कई पंचायतों में लोग नावों के सहारे जीवन जीने को मजबूर हैं. जलालपुर-जौनापुर और बेरी मटिऔर सहित कई मुख्य सड़कों पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है.
पशुपालकों का पलायन जारी, प्रशासन से राहत की उम्मीद
पतसिया, सुल्तानपुर और मटिऔर समेत दर्जनों स्थानों से पशुपालक अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक पॉलीथिन शीट और पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं.
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए दर्जनों विद्यालय बंद
बढ़ते खतरे को भांपते हुए प्रखंड शिक्षा विभाग ने मोहिउद्दीननगर के 25 और मोहनपुर के 22 समेत करीब तीन दर्जन से अधिक विद्यालयों में अगले आदेश तक पठन-पाठन पूरी तरह बंद कर दिया है. प्रभावित विद्यालयों को नजदीक के सुरक्षित विद्यालयों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है.
तटबंधों पर 24 घंटे चौकसी और नावों का परिचालन
जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा धमौन बॉर्डर से पतसिया बांध तक तटबंधों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे विशेष निगरानी रखी जा रही है. अंचल प्रशासन की ओर से लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए क्षेत्र में कुल 22 नावों का परिचालन किया जा रहा है.
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