चुनाव कार्य में उपयोग में लाये गये टेंट सामग्री की दर पर खूब हो रही चर्चा

लोकसभा निर्वाचन 2024 में जिले में उपयोग में लायी गयी टेंट सामग्री के दर को लेकर खूब चर्चा हो रही है. कुछ लोगों का कहना कि अगर टेंट सामग्री की निविदा के दर की निष्पक्षता से जांच हो तो दर को लेकर एक हकीकत सामने आ सकता है.

समस्तीपुर : लोकसभा निर्वाचन 2024 में जिले में उपयोग में लायी गयी टेंट सामग्री के दर को लेकर खूब चर्चा हो रही है. कुछ लोगों का कहना कि अगर टेंट सामग्री की निविदा के दर की निष्पक्षता से जांच हो तो दर को लेकर एक हकीकत सामने आ सकता है. जानकर बताते हैं कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में टेंट सामग्री की निविदा जिस दर पर निकाली गई थी, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका दर पांच से दस गुना अधिक है. सूत्रों की मानें, तो यह सब सुनियोजित तरीके से हुआ है और सरकारी राशि की टेंट व्यवसासियों की एक गुप्त मीटिंग शहर के एक होटल में हुई थी. मीटिंग के बाद सभी के द्वारा एक ही दिन बढ़े दर से निविदा डाला गया. निविदा डालने के बाद बिना इसकी जांच पड़ताल किये स्वीकृत भी कर दिया गया. अब इसके भुगतान की कार्रवाई की जा रही है. लोगों की नजर जिलाधिकारी पर टिकी है इसमें अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है. निष्पक्ष जांच के बाद कई अधिकारी भी इसकी जद में आ सकते हैं. विदित हो कि जिला नजारत में अब भी किसी चीज की खरीदारी 2017 में निर्धारित दर पर हो रही है, जबकि निर्वाचन प्रशाखा में यह दर पांच से दस गुणा अधिक किया गया है. हालांकि, लोगों की इस चर्चा में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकता है. इसको लेकर लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी है.

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