3-4 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना

उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में बादल देखे जा सकते हैं. हालांकि इस अवधि में मौसम के आमतौर पर शुष्क रहने का अनुमान है. वैसे अगले 4 मार्च तक के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि कुछ स्थानों पर 3-4 मार्च को हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है.

समस्तीपुर : उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में बादल देखे जा सकते हैं. हालांकि इस अवधि में मौसम के आमतौर पर शुष्क रहने का अनुमान है. वैसे अगले 4 मार्च तक के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि कुछ स्थानों पर 3-4 मार्च को हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है.

डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी डा. ए. सत्तार का बताना है कि पूर्वानुमान की अवधि में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. न्यूनतम तापमान 16-18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.

इस दौरान औसतन 7-9 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पुरवा हवा चल सकती है. मौसम के मिजाज को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने गरमा मूंग व उड़द की बुआई के लिए खेत की तैयारी करने का सुझाव दिया है. शुष्क मौसम की संभावना को देखते हुए तैयार सरसों की कटनी और दौनी के साथ ही आलू की खोदाई कर सुखाने के बाद सुरक्षित स्थानों पर भंडारित कर लेने की नसीहत दी है.

प्याज में खर-पतवार निकालें. प्याज में कीट एवं रोग-व्याधि पर कड़ी निगाह रखने की हिदायत दी है. इसी तरह सुर्यमुखी की बुआई 10 मार्च तक संपन्न करने का सुझाव दिया है. बताते चलें कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है. यह सामान्य से 2.9 डिग्री कम है. वहीं न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य से 0.7 डिग्री नीचे है.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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