Train Accident: समस्तीपुर-बरौनी रेलखंड स्थित नाजिरगंज रेलवे स्टेशन से सटे फाटक संख्या 41 के समीप बुधवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला ट्रेन हादसा हुआ. इस दर्दनाक दुर्घटना में 7 वर्षीय मासूम बालक और उसे बचाने के प्रयास में उसकी मौसी की कटकर मौत हो गई, जबकि बालक की मां बाल-बाल बच गई. मृतकों की पहचान निकसपुर पंचायत के वार्ड संख्या नौ निवासी स्वर्गीय अमित चौधरी के पुत्र सुमन कुमार (7) तथा उसकी मौसी पिंकी कुमारी (25) के रूप में की गई है.
Samastipur Train Accident: मालगाड़ी के शोर में दब गई ट्रेन की आवाज
मिली जानकारी के मुताबिक अमित चौधरी की पत्नी रिंकी कुमारी दो दिन पहले अपने पुत्र सुमन के साथ मायके घटहो गई थी. बुधवार को रिंकी कुमारी अपनी बहन पिंकी और बेटे सुमन के साथ गंगा स्नान के लिए गई हुई थी. शाम को सभी पैसेंजर ट्रेन से वापस लौटे और नाजिरगंज स्टेशन पर उतरकर रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल अपने घर निकसपुर की ओर बढ़ रहे थे. उसी समय दूसरे ट्रैक पर एक मालगाड़ी खड़ी थी, जिसका इंजन स्टार्ट था. इंजन के तेज शोर के कारण पीछे से तेज रफ्तार में आ रही भागलपुर इंटरसिटी अप ट्रेन की आवाज किसी को सुनाई नहीं दी.
मासूम को बचाने में मौसी ने भी गंवाई जान
तेज रफ्तार इंटरसिटी की चपेट में सबसे पहले सुमन आ गया. अपने मासूम भांजे को कटते देख मौसी पिंकी कुमारी उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी ट्रेन की तेज गति और चपेट में आने से गंभीर रूप से जख्मी हो गई. सुमन की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. वहीं खून से लथपथ पिंकी को स्थानीय ग्रामीण तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां हालत बेहद नाजुक देखकर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. हालांकि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही पिंकी ने भी दम तोड़ दिया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीण और परिजन दोनों शवों को दाह संस्कार के लिए निकसपुर ले गए. ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे के सिर से पहले ही पिता का साया उठ चुका था, क्योंकि सुमन के पिता ने पिछले वर्ष घर पर आत्महत्या कर ली थी. अब परिवार के इकलौते चिराग और मौसी की एक साथ असमय मौत से गांव में हर आंख नम है.
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