समस्तीपुर रेल मंडल में मछियारी घोटाला, लाखों का गोलमाल

समस्तीपुर :घोटाले को लेकर चर्चा में रहनेवाले समस्तीपुर रेलमंडल में इस बार मछियारी घोटाला हुआ है. मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर मछलीपालन व बिक्री के लिए संवेदकों ने टेंडर प्राप्त कर संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों के मेल से तीन सालों से मछलीपालन व बिक्री कर रहे हैं, लेकिन रेलवे को टेंडर की राशि […]

समस्तीपुर :घोटाले को लेकर चर्चा में रहनेवाले समस्तीपुर रेलमंडल में इस बार मछियारी घोटाला हुआ है. मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर मछलीपालन व बिक्री के लिए संवेदकों ने टेंडर प्राप्त कर संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों के मेल से तीन सालों से मछलीपालन व बिक्री कर रहे हैं, लेकिन रेलवे को टेंडर की राशि जमा नहीं की.

इससे रेलवे को करीब एक करोड़ रुपये का चूना लगा है. मामला वित्तीय वर्ष 2014-17 से जुड़ा है. मामला उजागर होने के बाद रेलवे की विजिलेंस टीम ने घोटाले की जांच शुरू कर दी है. इस मामले में संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता. मीडिया प्रभारी
समस्तीपुर रेल मंडल
सह सीनियर डीसीएम वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घोटाले की जानकारी रेलवे प्रशासन को मिल गयी है. विभागीय स्तर के अलावा रेलवे की विजिलेंस टीम भी मामले की जांच कर रही है. जांच में दोषी पाये जाने वाले अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जायेगी. रेलवे सूत्रों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2014-17 के लिए मंडल प्रशासन ने सात स्थानों के लिए मछियारी का टेंडर किया. इसके तहत रेलवे की जमीन पर मछलीपालन, मछली की बिक्री का अधिकारी ठेकेदार को दिया गया. सूत्रों ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया के बाद संवेदकों ने रेलवे की उक्त जमीन पर मछली पालन व बेचने का काम शुरू कर दिया, लेकिन टेंडर की राशि करीब 97 लाख रुपये आज तक जमा नहीं किया है.
इनबॉक्स
मंडल के इन खंडों के लिए हुआ मछियारी का टेंडर
रेलवे सूत्रों ने बताया कि मंडल के कुंडवा चैनपुर स्टेशन को छोड़ कर रक्सौल स्टेशन तक 21.25 लाख रुपये में मछियारी का टेंडर हुआ. संवेदक ने मछली का पालन कर उसे बेच भी डाला, लेकिन संविदा की राशि जमा नहीं की. इसी तरह रक्सौल स्टेशन को छोड़कर वाल्मीकिनगनर स्टेशन व नरकटियागंज स्टेशन को छोड़कर भीखनाठोरी स्टेशन तक 35 लाख,
बेतिया स्टेशन से नरकटियागंज यार्ड तक तीन लाख पांच सौ रुपये, कांटी स्टेशन से बेतिया यार्ड तक व सुगौली स्टेशन से रक्सौल यार्ड तक 12 लाख रुपये की संविदा की गयी. इसी तरह तारसराय स्टेशन को छोड़ कर जयनगर स्टेशन व सकरी रेलवे यार्ड से निर्मली तक 6.28 लाख रुपये, सहरसा रेलवे यार्ड से सरायगढ़ तक 15 लाख रुपये तथा सरायगढ़ को छोड़ कर फारबिसगंज यार्ड तक 2.70 लाख रुपये में मछियारी की निविदा हुई.
इनबॉक्स
रेलवे को करीब एक करोड़ रुपये का चूना
रेलवे सूत्रों ने बताया कि निविदा लेने के बाद संवेदकों ने स्थानीय कर्मचारी व संबंधित विभाग के अधिकारियों से मेल कर रेलवे की उक्त जमीन से मछली का पालन शुरू कर दिया. पिछले तीन सालों से संवेदक मछली पालन कर उसकी बिक्री कर रहे हैं. इससे संवेदक तो मालामाल हो गये, लेकिन रेलवे का हाथ खाली रहा.
बोले रेलवे अधिकारी
समस्तीपुर रेल मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर मछियारी के नाम पर टेंडर लेकर मछली पालन व उसकी बिक्री किये जाने के बावजूद संविदा राशि जमा नहीं किये जाने का मामला सामने आया है. मामले की जांच रेलवे के अधिकारी कर रहे हैं. जांच के दौरान दोषी पाये जाने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जायेगी.
बीरेंद्र कुमार ,मीडिया प्रभारी सह सीनियर डीसीएम
रेलवे की विजिलेंस टीम ने शुरू की मामले की जांच
संबंधित विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप
ठेका लेकर संवेदक करते रहे मछलीपालन, जमा नहीं किये रुपये
संविदा से जुड़े कर्मी व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

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