शिवाजीनगर : ममेरे भाई की शादी में शिरकत करने निकले राम प्रवेश महतो (38) व इसके साथी गणेश ठाकुर (35) का शव गुरुवार को घर पहुंचते ही बाघोपुर गांव में कोहराम मच गया. परिजनों की चीख पुकार से गांव का जर्रा जर्रा सिहर उठा. दोनों अपने अपने घर की बगिया के खेवनहार थे. राम प्रवेश की पत्नी मंजू देवी व गणेश की पत्नी सुनीता देवी उस पल को कोस रहे थे, जब उन्होंने ममेरे भाई लक्ष्मण महतो की शादी में बारात के लिए एक साथ बाइक से जाने की इजाजत दी थी.
यदि रोक लेते तो शायद दुर्घटना न होती और दोनों की जान बच जाती. बूढ़ी मां बचिया देवी को यकीन ही नहीं था कि उसे कंधा देने वाला लाल अब दुनिया में नहीं रहा. गमगीन माहौल के बीच ग्रामीणों ने बताया कि ऊपर वाले ने दोनों परिवारों के बच्चों के साथ अन्याय किया है. दोनों मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. इनके चले जाने से बच्चों को कौन देखेगा. रामप्रवेश के दो बेटे शिवम, सत्यम व दो लड़की सोनी और सोनम बाप की लाश पर आंसू बहाये जा रहे थे.
वहीं गणेश की लड़की सपना कुमारी और बेटे गोलू, भोलू व शोलू बेसहारा हो गये हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गणेश आठ दिन पहले ही दिल्ली से मजदूरी के लिए आया था. पत्नी सुनीता व बच्चों को लाने के लिये अपने ससुराल फुलहारा जाने वाला था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. लोग परिवार की हालत को बयां करते हुए प्रशासन से मुआवजा के लिए कदम उठाने की बात कर रहे थे. बताते चलें कि बुधवार की रात राम प्रवेश अपने मित्र गणेश के साथ बाइक से बारात जा रहा था. इसी क्रम में बेगूसराय जिला के खोदाबंदपुर थाना अंतर्गत नारायणपुर के पास ट्रक की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गयी.
