समस्तीपुर : पिछले कई दिनों जारी पुरवा हवा ने वातावरण में जबर्दस्त नमी घोल दी. तपती धूप के स्तर से स्थानीय स्तर पर तपमान में इजाफा हुआ. उधर, हिमालय के ऊपर बने कम दबाव ने उत्तर बिहार के वातावरण पर असर डालना शुरू कर दिया. इसके प्रभाव से मंगलवार की सुबह तेज हवाओं के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश हुई. इससे मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है.दिनभर बादलों की ओट में सूरज छुपा रहा. बारिश के बाद फिर से शुरू हुई पुरवा हवा ने मौसम को सुहावना बनाये रखा.
तीन डिग्री नीचे लुढ़का पारा : बारिश के बाद तापमान में गिरावट आयी है. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस नीचे उतर आया है, जबकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गयी है. हालांकि, यह खुशनुमा मौसम क्षणिक ही रहेगा. अगले दो तीन दिनों में फिर से मौसम का मिजाज तीखा हो सकता है. मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19. 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
30 किमी की रफ्तार से आयी आंधी : मौसम की गतिविधि पर पैनी नजर रखने वाले आरएयू पूसा स्थित मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी डॉ ए सत्तार का यह भी बताना है कि मंगलवार की सुबह सबेरे आयी आंधी के दौरान हवा की रफ्तार औसतन 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गयी थी. इसके कारण कई स्थानों पर पुराने पेड़ गिर गये.
यातायात बाधित प्रभावित हुआ. कई झोपड़ियां तबाह हो गयीं. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पुराने लकड़ी वाले खंभे टूट गये. इससे बिजली आपूर्ति में असर पड़ा. हालांकि, विद्युत विभाग आंधी थमने के साथ विद्युत संचरण व्यवस्था को बहाल करने के लिए दिनभर जुटी रही.
19.43 एमएम हुई बारिश : हवा की रफ्तार जैसे ही धीमी पड़ी आसमान में उमड़े काले बादलों ने झमाझम बारिश कराना शुरू कर दिया. विभागीय आंकड़े के अनुसार जिले में 388.6 मिली मीटर संपूर्ण वर्षापात हुई. यह औसतन 19.43 मिली मीटर मापा गया. हालांकि, यह मई महीने में होने वाली 41.3 मिली मीटर वर्षापात से आधे से भी कम है. वैसे अभी मई का महीना भी आधा से अधिक बाकी है. इससे कयास लगाया जाने लगा है कि इस महीने होने वाली सामान्य वर्षापात हो सकती है. यह जिले में होने वाली खेती-बाड़ी के लिए शुभ संदेश दे रहा है.
कृषि वैज्ञानिकों ने दिये टिप्स : जिले में हुई अच्छी वर्षा होने के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए टिप्स जारी किये हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त नमी आ गयी है. बुआई के लिए यह अनुकूल है. हल्दी की बुआई 15 मई से की जा सकती है. ओल की फसल की रोपाई संपन्न करने का सुझाव दिया है. खरीफ मक्का की बुआई व खरीफ धान के लिए नर्सरी के लिए खेत की तैयारी करने का सुझाव दिया है. उरद व मूंग की फसल में पीला मोजैक वायरस से ग्रस्त पौधों को उखाड़ कर नष्ट कर दें.
मोहिउद्दीननगर/मोहनपुर : मंगलवार की सुबह प्रखंड क्षेत्र में अचानक आयी आंधी और तेज बारिश के कारण आम तथा लीची को व्यापक नुकसान की आशंका जतायी गयी है़ इसके आलावे तेज हवा की चपेट में आने से फुस के घरों एवं एस्बेस्टस से बनी छत के उड़ने की भी जानकारी प्राप्त हुई है. कई जगहों पर पेड़ भी उखड़ गये है एवं टहनियां भी टूट गयी है़
हसनपुर : आंधी तूफान के साथ हुई बारिश से आम व लीची के फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों में मायूसी है. सड़कें जलमग्न हो गयीं. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई. गन्ना उपाध्यक्ष शंभू प्रसाद राय ने किसानों को फसल में खाद डालने की सलाह दी है.
अगले 48 घंटे में वर्षा की संभावना : मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 48 घंटे में उत्तर बिहार के जिलों में हल्की तो कहीं कहीं बूंदा-बांदी हो सकती है.
हालांकि, तराई वाले जिलों में वर्षा अधिक होने की संभावना जतायी गयी है. इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जतायी गयी है. औसतन 15 से 20 किलो मीटर प्रति घंटा की गति से अगले दो दिनों तक पुरवा हवा व इसके बाद बाद पछिया हवा चलने की संभावना है.
